
हमने WEMASY का एक नियम बनाया: जब तक हम पर न टिके, शिप न करें
अपने सफ़र की शुरुआत में ही हमने एक नियम बनाया, जो तय करता है कि हर WEMASY प्रोडक्ट कैसे बनेगा। हम इसे “पहले हम पर टिको” नियम कहते हैं। यह आसान है। अगर कोई फ़ीचर हमारे अपने रोज़ के काम को आराम से सपोर्ट नहीं करता, तो वह किसी और के लिए तैयार नहीं है।
यह नियम हमें प्रैक्टिकल रखता है। यह हमें प्रेज़ेंटेशन के लिए बनाने से रोकता है और असली इस्तेमाल के लिए बनाने की ओर धकेलता है। यह याद दिलाता है कि प्रोडक्ट लॉन्च होने से सफल नहीं होता। वह तब सफल होता है जब लोग उसे हर दिन बिना उलझे, बिना थके आराम से इस्तेमाल कर सकें।
ज़्यादातर प्रोडक्ट लॉन्च स्ट्रैटेजी क्यों फ़ेल होती हैं
हमने ऐसे लॉन्च देखे जो चल निकले और ऐसे भी जो चुपचाप गायब हो गए, इनमें हमारे अपने काम के कुछ शुरुआती वर्ज़न भी थे। फ़र्क़ शायद ही कभी आइडिया में था। फ़र्क़ इसमें था कि प्रोडक्ट असली, रोज़ के बिखरे काम में कैसे टिका। जो फ़ीचर डेमो में शानदार लगे, वे बिज़ी दिनों में टूट गए। छोटी-छोटी अड़चनें जुड़ती गईं और लोग पुरानी आदतों पर लौट गए।
हमने ये बातें देखीं:
टीमें प्रोडक्ट लॉन्च के दिन के लिए शिप करती हैं, काम के दिन के लिए नहीं। फ़ीचर प्रेज़ेंटेशन में चमकता है, पर जल्दी में बैठे इंसान को अगला कदम नहीं दिखाता।
छोटी अड़चनें तब तक जुड़ती हैं जब तक यूज़र हार न मान ले। यहां एक एक्स्ट्रा क्लिक, वहां एक छिपा ऑप्शन, और टूल धीरे-धीरे थकाऊ हो जाता है।
प्रोडक्ट चाहता है कि यूज़र उसके हिसाब से ढलें। लोगों के काम करने के तरीके में फ़िट होने की बजाय वह ज़्यादा कदम और ज़्यादा सोच वाला नया रास्ता थोपता है।
असली संदर्भ टूल के बाहर रहता है। फ़ाइलें, फ़ीडबैक और फ़ैसले चैट और ईमेल में रहते हैं, इसलिए प्रोडक्ट कभी सच का एक ही सोर्स नहीं बनता।
ज़िम्मेदारी और नतीजे साफ़ नहीं होते। लोग नहीं बता पाते कि अगला कदम किसका है या “पूरा” का मतलब क्या है, इसलिए टास्क इधर-उधर घूमते हैं और टाइमलाइन खिसकती है।
लॉन्च से पहले अंदर रोज़ इस्तेमाल नहीं होता। प्रोडक्ट के साथ जिए बिना टीमें वह रोज़ की तकलीफ़ नहीं देख पातीं जो कई दिनों के असली काम के बाद ही सामने आती है।
हमने अपनी गलतियों से भी सीखा
सबसे अच्छे सबक गलतियों से मिलते हैं। हमें समझ आया कि हम भी इन गलतियों से बचे नहीं थे। WEMASY बनाने के शुरुआती दिनों में हमने भी ऐसे फ़ीचर बनाए जो प्लानिंग मीटिंग में पूरी तरह सही लगते थे। सब मानते थे कि आइडिया मज़बूत है। पर जैसे ही हमने उन फ़ीचर को अपने रोज़ के काम में इस्तेमाल किया, हमें वही अड़चन महसूस हुई जो हमने दूसरे प्रोडक्ट में देखी थी।
जो स्क्रीन पर आसान दिखता था, वह असल में टास्क पूरा करते समय धीमा लगा।
जो फ़्लो चर्चा में साफ़ लगता था, वह बिना संदर्भ के इस्तेमाल करने पर उलझा हुआ लगा।
जिन कदमों को हम “कोई बड़ी बात नहीं” मानते थे, वे दिन में कई बार दोहराने पर थकाने लगे।
हम टूल के बाहर जुगाड़ करने लगे, जो साफ़ इशारा था कि फ़ीचर असली काम को सपोर्ट नहीं कर रहा।
यही हमारा टर्निंग पॉइंट था। हमें समझ आया कि अगर हम, यह जानते हुए कि फ़ीचर कैसे बना है, उसे आराम से इस्तेमाल नहीं कर पा रहे, तो आम यूज़र को और ज़्यादा दिक्कत होगी। कोई भी लॉन्च मार्केटिंग प्लान ऐसे प्रोडक्ट को ठीक नहीं कर सकता जो रोज़ के इस्तेमाल में न चले। तभी हमने तय किया कि हम अपने प्रोडक्ट बनाने और लॉन्च करने का तरीका बदलेंगे और इसके लिए अंदरूनी नियम बनाएंगे।
WEMASY में प्रोडक्ट लॉन्च करने के हमारे कदम
इन सबकों के बाद हमारी प्रोडक्ट लॉन्च प्रोसेस आसान हो गई। अगर हम चाहते हैं कि यूज़र को लगे कि WEMASY के प्रोडक्ट उनके लिए काम करते हैं, तो पहले WEMASY को बिना मेहनत के हमारे लिए काम करना होगा। इससे हम अंदाज़ों पर बनाने से अनुभव पर बनाने की ओर बढ़े। अब हर प्रोडक्ट आप तक पहुंचने से पहले तीन चरणों से गुज़रता है।
तीन ज़रूरी कदम:
कदम 1. हम एक चलता हुआ वर्ज़न बनाते हैं और पहले खुद इस्तेमाल करते हैं
जैसे ही कोई फ़ीचर काम करने लगता है, हम अपना रोज़ का काम उसमें ले आते हैं। यहीं सच सामने आता है। हमें तुरंत दिखता है कि क्या फ़्लो तोड़ता है, क्या भारी लगता है और क्या ज़्यादा सहज होना चाहिए। अगर कुछ हमें धीमा करता है, तो हम उसे ठीक करते हैं। अगर हमें ज़्यादा सोचना पड़े या इस्तेमाल मुश्किल लगे, तो हम उसे आसान बनाते हैं। हम तब तक सुधारते हैं जब तक टूल दिखना बंद न हो जाए और सिर्फ़ होता हुआ काम दिखे।
कदम 2. हम इसे कुछ मौजूदा WEMASY यूज़र के साथ शेयर करते हैं
जब हम इसे आराम से इस्तेमाल कर लेते हैं, तो इसे मौजूदा यूज़र के एक छोटे ग्रुप के लिए खोलते हैं जो ईमानदार फ़ीडबैक देना पसंद करते हैं। वे दिखाते हैं कि फ़ीचर अलग-अलग काम के तरीकों, इंडस्ट्री और टीम साइज़ में कैसे चलता है। उनका फ़ीडबैक उन कोनों को चमकाने में मदद करता है जो हमसे छूट गए हों, क्योंकि हमारा इस्तेमाल का तरीका अकेला तरीका नहीं है।
कदम 3. हम इसे सबके लिए तभी रिलीज़ करते हैं जब दोनों तरफ़ यह आराम से चले
जब फ़ीचर हमारे लिए और इस पहले ग्रुप के लिए अच्छे से काम करता है, तभी हम इसे सबके लिए उपलब्ध करते हैं। सभी यूज़र तक पहुंचने तक यह स्थिर, साफ़ और बिना ट्रेनिंग कॉल या मुश्किल ऑनबोर्डिंग के इस्तेमाल के लिए तैयार होता है।
हमने WEMASY ऐसे इसलिए बनाया क्योंकि हमने ऐसे टूल की तकलीफ़ झेली है जो दिखते अच्छे हैं पर बिज़ी दिन में मदद नहीं करते। अपने प्रोडक्ट पहले खुद इस्तेमाल करना हमें भरोसेमंद और ईमानदार रखता है। अगर आपको लगता है कि हमारी प्रोडक्ट लॉन्च स्ट्रैटेजी आपके काम आएगी, तो इसे आज़माएं और बताएं कि आपके ब्रांड के लिए यह कैसी रही। ऑनलाइन आने के बारे में और जानने के लिए हमारा ब्लॉग पढ़ें: अपनी वेबसाइट की शुरुआत कैसे करें। आप हमारी वेबसाइट लॉन्च चेकलिस्ट भी देख सकते हैं। पूरी तस्वीर के लिए हमारी गाइड पढ़ें: वेबसाइट क्या है और आपको इसकी ज़रूरत क्यों है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अच्छी प्रोडक्ट लॉन्च स्ट्रैटेजी क्या होती है?
WEMASY में हमने सीखा कि सबसे अच्छी प्रोडक्ट लॉन्च स्ट्रैटेजी वह है जिसमें टीम किसी और के देखने से पहले प्रोडक्ट को रोज़ इस्तेमाल करती है। जब आप अड़चन खुद महसूस करते हैं, तो आप असली दिक्कतें ठीक करते हैं, प्लानिंग में सोची हुई नहीं। 10 से 30 असली यूज़र का शुरुआती फ़ीडबैक वह बाहरी नज़रिया देता है जो आपकी टीम के पास नहीं हो सकता। पब्लिक होने तक प्रोडक्ट असली, बिखरे हालात में पहले से चल रहा होता है।
प्रोडक्ट लॉन्च से पहले अंदरूनी टेस्टिंग कितनी चलनी चाहिए?
कम से कम दो से चार हफ़्ते का असली रोज़ का इस्तेमाल। एक वीकेंड की जल्दी टेस्टिंग वह अड़चन नहीं पकड़ती जो बार-बार इस्तेमाल के बाद दिखती है। मकसद उन छोटी दिक्कतों को ढूंढना है जो दिनों में जुड़ती हैं, जैसे एक्स्ट्रा क्लिक, उलझे फ़्लो या छूटा संदर्भ। यूज़र इन्हें तुरंत महसूस करते हैं, पर टीमें अक्सर इन्हें नज़रअंदाज़ कर देती हैं।
क्या प्रोडक्ट तैयार होने से पहले लॉन्च मार्केटिंग प्लान बनाना चाहिए?
प्लानिंग जल्दी शुरू करें, पर मैसेजिंग तब तक फ़ाइनल न करें जब तक प्रोडक्ट टेस्ट न हो जाए। आपका लॉन्च मार्केटिंग प्लान असली यूज़र फ़ीडबैक पर टिका होना चाहिए, अंदाज़ों पर नहीं। अगर टेस्टिंग में पता चले कि यूज़र किसी और फ़ायदे को ज़्यादा अहमियत देते हैं, तो आपका मार्केटिंग एंगल बदलना होगा। प्लान साथ-साथ बनाएं, पर लचीले रहें।
प्रोडक्ट लॉन्च में टीमें सबसे बड़ी गलती क्या करती हैं?
काम के दिन की बजाय लॉन्च के दिन के लिए शिप करना। कई टीमें डेडलाइन पकड़ने की जल्दी में असली टेस्टिंग छोड़ देती हैं। प्रोडक्ट प्रेज़ेंटेशन में शानदार दिखता है, पर तीसरे दिन यूज़र को परेशान करता है। ठीक से टेस्ट करने के लिए एक हफ़्ता ज़्यादा लेना लॉन्च के बाद महीनों के फ़िक्स और नेगेटिव फ़ीडबैक से बचाता है।
पब्लिक लॉन्च से पहले कितने शुरुआती यूज़र के साथ टेस्ट करें?
10 से 30 ऐसे यूज़र से शुरू करें जो आपकी असली ऑडियंस जैसे हों। ये ऐसे लोग हों जो प्रोडक्ट नियमित इस्तेमाल करेंगे, सिर्फ़ दोस्त नहीं जो एक बार इधर-उधर क्लिक करें। उनका फ़ीडबैक सैकड़ों सर्वे जवाबों से ज़्यादा कीमती है, क्योंकि वे वह असली अड़चन महसूस करते हैं जो हल्के टेस्टर से छूट जाती है।
WEMASY लॉन्च से पहले अपने प्रोडक्ट कैसे टेस्ट करता है?
हर WEMASY फ़ीचर तीन चरणों से गुज़रता है: टीम का अंदरूनी रोज़ का इस्तेमाल, मौजूदा यूज़र के छोटे ग्रुप के साथ टेस्टिंग, और उसके बाद ही पब्लिक रिलीज़। अगर कोई फ़ीचर टीम और शुरुआती यूज़र के लिए आराम से नहीं चलता, तो वह शिप नहीं होता। इस प्रोसेस से हर टूल पहले दिन से स्थिर, साफ़ और असली काम के लिए तैयार रहता है।
