आप हर तिमाही अपनी साइट में बदलाव करते ही हैं। सवाल यह है कि ये बदलाव एक-दूसरे को आगे बढ़ाते हैं या काटते हैं। टेस्टिंग में वेरिएशन वह तरीका है जिससे अनुशासित टीमें बिखरे हुए बदलावों को ऐसे सीखने के चक्र में बदलती हैं जिसका फ़ायदा समय के साथ मिलता है।
इस चैप्टर में टेस्टिंग में वेरिएशन को आसान भाषा में समझाया गया है। आप देखेंगे कि कन्वर्ज़न के काम में यह क्यों ज़रूरी है, टीमें इसे व्यवहार में कैसे इस्तेमाल करती हैं, और इस किताब में आगे कहाँ जाना है। यहाँ से नींव शुरू होती है।
टेस्टिंग में वेरिएशन क्या है?
टेस्टिंग में वेरिएशन कन्वर्ज़न ऑप्टिमाइज़ेशन का एक बुनियादी विचार है। व्यावहारिक रूप से, यह बताता है कि किसी पेज, ईमेल या ऑफ़र के अलग-अलग वर्शन की तुलना करते समय आप टेस्टिंग में वेरिएशन के बारे में कैसे सोचते हैं। आप ऐसी सार्वभौमिक सच्चाई नहीं ढूंढ रहे जो हर इंडस्ट्री पर फिट बैठे। आप सीखने का एक ऐसा तरीका बना रहे हैं जिसे दोहराया जा सके, ताकि पता चले कि आपकी ऑडियंस के लिए अभी क्या काम करता है।
जो टीमें टेस्टिंग में वेरिएशन को समझती हैं, वे घबराहट में कम बदलाव करती हैं। वे अपनी धारणाएं लिखती हैं, नियंत्रित तुलनाएं चलाती हैं, और विजेता को तभी आगे बढ़ाती हैं जब डेटा उस कदम का समर्थन करे। इस अनुशासन से वेबसाइट के बदलाव राय से बदलकर सबूतों की ऐसी लाइब्रेरी बन जाते हैं जिसे आप अगली तिमाही में फिर इस्तेमाल कर सकते हैं।
टेस्टिंग के दौरान टेस्टिंग में वेरिएशन क्यों ज़रूरी है
संदर्भ के बिना की गई टेस्टिंग से शोर भरी जीतें और महंगे झूठे अलार्म मिलते हैं। टेस्टिंग में वेरिएशन से आपको हाइपोथीसिस, कंट्रोल और नतीजों के लिए साझा भाषा मिलती है। जब पूरी टीम यही भाषा बोलती है, तो मार्केटिंग, डिज़ाइन और ऑपरेशन्स के बीच काम का आदान-प्रदान तेज़ हो जाता है, क्योंकि आप परिभाषाओं पर नहीं, नतीजों की व्याख्या पर बहस कर रहे होते हैं।
वेरिएशन की परिभाषा और टेस्ट वेरिएशन का मतलब जैसे जुड़े विचार इस पूरे मॉड्यूल में आते रहेंगे। आपको आज ही इन सबमें माहिर होने की ज़रूरत नहीं है। आपको एक साफ़ आधार चाहिए, ताकि अगला चैप्टर भटकाव जैसा न लगे।
असली प्रोजेक्ट पर इस विचार का इस्तेमाल कैसे करें
छोटे से शुरू करें। अच्छे ट्रैफ़िक वाला एक पेज और एक मापने लायक नतीजा चुनें। एक सीधा वाक्य लिखें जो टेस्टिंग में वेरिएशन को उस बदलाव से जोड़े जो आप आज़माना चाहते हैं। टेस्ट को इतना लंबा चलाएं कि सैंपल साइज़ पूरा हो, फिर A/B टेस्टिंग के फ़ायदे की आदतों के साथ नतीजे पढ़ें।
नोट्स रखें। आगे चलकर आप भूल जाएंगे कि कोई टेस्ट क्यों हुआ था। हाइपोथीसिस, सेटअप और नतीजे का एक छोटा लॉग उस स्क्रीनशॉट फ़ोल्डर से बेहतर है जिसे छह महीने बाद कोई समझा नहीं सकता।
जब आप और गहराई में जाना चाहें, तो आगे कंट्रोल ग्रुप क्या है और A/B टेस्टिंग के फ़ायदे पढ़ें। ये यहाँ सीखी बातों को आगे बढ़ाते हैं और पूरा परिचय दोहराते नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
टेस्टिंग में वेरिएशन का आपकी साइट पर असली टेस्ट चलाने से क्या संबंध है?
टेस्टिंग में वेरिएशन वह वैचारिक परत है जो आपके हर लाइव एक्सपेरिमेंट को सहारा देती है। जब यह विचार बैठ जाए, तो इसे कंट्रोल ग्रुप क्या है में व्यावहारिक सेटअप के साथ और A/B टेस्टिंग के फ़ायदे में मापने की बुनियादी बातों के साथ जोड़ें। WEMASY का वेबसाइट बिल्डर आपको अलग स्टेजिंग स्टैक के बिना पेज के वेरिएंट पब्लिश करने देता है।
टेस्टिंग में वेरिएशन लागू करने के लिए क्या बड़ी टीम चाहिए?
अकेला फ़ाउंडर भी कम ट्रैफ़िक वाली छोटी साइट पर टेस्टिंग में वेरिएशन लागू कर सकता है। आपको साफ़ लक्ष्य, ईमानदार ट्रैकिंग और सैंपल साइज़ के लिए धैर्य चाहिए। टीमें यही आदतें हर तिमाही में ज़्यादा टेस्ट करके बढ़ाती हैं, बुनियादी बातें नहीं बदलतीं।
टेस्टिंग में वेरिएशन के बाद शुरुआती लोग आगे क्या पढ़ें?
पहले इसी मॉड्यूल में रहें। कंट्रोल ग्रुप क्या है और A/B टेस्टिंग के फ़ायदे यहाँ सीखी बातों पर आगे बनते हैं और पूरी परिभाषा नहीं दोहराते।
अगर मेरा कन्वर्ज़न रेट पहले से अच्छा है, तो क्या टेस्टिंग में वेरिएशन फिर भी काम आएगा?
अच्छे प्रदर्शन में भी सीखने की गुंजाइश रहती है। बाज़ार बदलते हैं, मोबाइल का हिस्सा बढ़ता है और ऑफ़र पुराने पड़ जाते हैं। टेस्टिंग में वेरिएशन समझने पर आप यह मानकर नहीं चलते कि कल का विजेता आज के विज़िटर्स पर भी फिट बैठेगा।
टेस्टिंग में वेरिएशन में लोग सबसे बड़ी ग़लती क्या करते हैं?
एक अच्छे हफ़्ते को सबूत मान लेना। साइट पर सब जगह बदलाव लागू करने से पहले, इस विचार को टेस्ट की सही अवधि और A/B टेस्ट के नतीजे कैसे पढ़ें की विश्लेषण आदतों के साथ जोड़ें।
टेस्टिंग में वेरिएशन सीखने में WEMASY कहाँ फिट होता है?
WEMASY एक ऑल-इन-वन सिस्टम है, जिससे आप पेज बना सकते हैं, विज़िटर का व्यवहार ट्रैक कर सकते हैं और अपनी साइट को सर्च में आसानी से मिलने लायक बना सकते हैं। जब आप टेस्टिंग में वेरिएशन समझ लेते हैं, तो वेबसाइट बिल्डर से टेस्ट के लिए तैयार पेज लॉन्च कर सकते हैं और प्लगइन के कमज़ोर जुगाड़ के बिना विजेता को लाइव रख सकते हैं।