रिटेंशन एनालिटिक्स: कितने विज़िटर वापस आते हैं, यह कैसे मापें

जानें कि विज़िटर रिटेंशन कैसे मापें और ट्रैक करें, ताकि पता चले कि कितने विज़िटर आपकी साइट पर लौटते हैं।

ड्राफ़्ट

रिटेंशन एनालिटिक्स मापता है कि पहली विज़िट के बाद कितने विज़िटर आपकी साइट पर वापस आते हैं। आज 100 लोग आपकी साइट पर आएँ और उनमें से 15 लोग 30 दिन के अंदर लौटें, तो आपका 30 दिन का रिटेंशन रेट 15% है। रिटेंशन बताता है कि आपकी साइट लोगों को इतना जोड़े रखती है या नहीं कि वे लौटें। सिर्फ़ यह नहीं कि कितना ट्रैफ़िक आता है।

रिटेंशन ट्रैफ़िक से ज़्यादा मायने क्यों रखता है

10,000 विज़िटर और 10% रिटेंशन वाली साइट, 20,000 विज़िटर और 2% रिटेंशन वाली साइट से ज़्यादा फ़ायदा देती है। रिटेंशन इस बात की निशानी है कि विज़िटर को आपकी साइट इतनी काम की लगी कि वे लौट आए। रिटेंशन के बिना ट्रैफ़िक बनाए रखना महँगा पड़ता है: जो लोग कभी नहीं लौटते, उनकी जगह भरने के लिए आपको लगातार नए विज़िटर चाहिए।

रिटेंशन से आपके दर्शकों को प्रोडक्ट की क्वालिटी का भी संकेत मिलता है। लोग लौटते हैं, तो आपकी साइट काम कर रही है। न लौटें, तो आपकी साइट उनकी ज़रूरतें पूरी नहीं कर रही।

रिटेंशन कैसे मापें

सीधा रिटेंशन रेट: किसी अवधि में लौटने वाले विज़िटर को कुल यूनीक विज़िटर से भाग दें। पिछले महीने आपकी साइट पर 500 यूनीक विज़िटर आए और उनमें से 75 इस महीने फिर आए, तो आपका महीने का रिटेंशन 75 ÷ 500 = 15% है।

कोहोर्ट के हिसाब से: विज़िटर को आने की तारीख़ के हिसाब से समूहों में बाँटें, फिर देखें कि हर समूह से कितने लौटे। जनवरी में आए विज़िटर = एक कोहोर्ट। फ़रवरी में आए विज़िटर = दूसरा कोहोर्ट। इससे पता चलता है कि समय के साथ रिटेंशन सुधर रहा है या बिगड़ रहा है।

डिवाइस के हिसाब से: मोबाइल और डेस्कटॉप विज़िटर का रिटेंशन अलग-अलग मापें। डेस्कटॉप विज़िटर का व्यवहार अक्सर मोबाइल विज़िटर से अलग होता है।

सोर्स के हिसाब से: ट्रैफ़िक सोर्स के हिसाब से रिटेंशन मापें: ऑर्गैनिक सर्च, पेड विज्ञापन, ईमेल, सोशल मीडिया। कुछ सोर्स दूसरों से ज़्यादा वफ़ादार विज़िटर लाते हैं।

यूज़र के काम के हिसाब से: पहली विज़िट पर विज़िटर ने क्या किया, इसके आधार पर रिटेंशन मापें। अलग-अलग ट्रैक करें: जिन्होंने सिर्फ़ एक पेज देखा, जिन्होंने कुछ डाउनलोड किया, जिन्होंने फ़ॉर्म भरा। अलग-अलग काम से अलग-अलग रिटेंशन रेट का अंदाज़ा मिलता है।

रिटेंशन के बेंचमार्क और उनका मतलब

1 से 7 दिन का रिटेंशन: ज़्यादातर वेबसाइट के लिए 20 से 40% आम है। शुरुआती दिनों से पता चलता है कि पहली बार आए विज़िटर को तुरंत कुछ काम का मिलता है या नहीं। 10% से कम रिटेंशन का मतलब है कि आपकी साइट वह वादा पूरा नहीं करती जो आपके ट्रैफ़िक सोर्स ने किया था।

30 दिन का रिटेंशन: 5 से 15% औसत है। इससे पता चलता है कि दिलचस्पी बनी रहती है या नहीं। ज़्यादातर साइट के लिए 20% से ऊपर का रिटेंशन मज़बूत माना जाता है।

90 दिन का रिटेंशन: 2 से 8% आम है। यही आपका वफ़ादार विज़िटर आधार है: वे लोग जो सच में आपकी साइट नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं।

इंडस्ट्री के हिसाब से: ई-कॉमर्स साइट पर आम तौर पर रिटेंशन कम होता है (लोग ख़रीदकर चले जाते हैं)। कंटेंट साइट पर अक्सर रिटेंशन ज़्यादा होता है (लोग नई जानकारी के लिए लौटते हैं)। SaaS टूल पर रिटेंशन 20 से 40% होता है, क्योंकि यूज़र को बार-बार ज़रूरत पड़ती है। अपने रिटेंशन की तुलना अपनी ही इंडस्ट्री से करें, सारी वेबसाइट से नहीं।

ट्रैफ़िक सोर्स की क्वालिटी के हिसाब से: ऑर्गैनिक सर्च के विज़िटर का रिटेंशन आम तौर पर पेड विज्ञापन के विज़िटर से ज़्यादा होता है। ऑर्गैनिक विज़िटर ने कुछ ख़ास खोजा और आपको पाया, इसलिए उनका इरादा ज़्यादा पक्का होता है। पेड विज़िटर ने शायद बिना ख़ास इरादे के क्लिक किया हो, इसलिए रिटेंशन कम रहता है।

कम रिटेंशन की आम वजहें

ट्रैफ़िक की क्वालिटी मेल न खाना: आपके विज्ञापन या कंटेंट ग़लत दर्शकों को खींचते हैं। विज्ञापन X का वादा करे और साइट Y दे, तो लोग नहीं लौटेंगे।

साइट का अनुभव ख़राब होना: आपकी साइट धीमी है, उलझाने वाली है या मोबाइल पर नहीं चलती। विज़िटर शायद लौटना चाहें, पर लौट नहीं पाते।

लौटने की कोई साफ़ वजह नहीं: आपकी साइट एक बार का सवाल हल करती है। विज़िटर को जो चाहिए था मिल गया और लौटने की कोई वजह नहीं बची।

आपको भूल जाना: लोग आपकी साइट छोड़कर भूल जाते हैं कि वह है भी। ईमेल, नोटिफ़िकेशन या ऑर्गैनिक विज़िबिलिटी से आप उनके ज़हन में नहीं बने रहते।

मैसेज या उम्मीद का मेल न खाना: आपकी मार्केटिंग या हेडलाइन कुछ और वादा करती है, पर साइट कुछ और देती है। विज़िटर को धोखा महसूस होता है और वे नहीं लौटते।

रिटेंशन कैसे सुधारें

ट्रैफ़िक की क्वालिटी सुधारें: पक्का करें कि आपके ट्रैफ़िक सोर्स ऐसे लोग लाएँ जिन्हें सच में वही चाहिए जो आपकी साइट देती है। 1,000 ग़लत विज़िटर जो नहीं लौटते, उनसे अच्छे हैं 100 सही विज़िटर जो लौटते हैं।

साइट की स्पीड और इस्तेमाल में आसानी सुधारें: अपनी साइट मोबाइल पर और धीमे इंटरनेट पर टेस्ट करें। नेविगेशन से रुकावटें हटाएँ। साफ़ रखें कि आगे क्या करना है।

विज़िटर को लौटने की वजह दें: नया कंटेंट नियमित रूप से छापें। ईमेल लिस्ट बनाएँ और काम की अपडेट भेजें। ऐसे अकाउंट फ़ीचर बनाएँ जिनमें लोग अपनी प्रगति या पसंद सेव कर सकें।

नज़र में बने रहें: ऑर्गैनिक सर्च में रैंक करें, ताकि लौटने वाले विज़िटर आपको दोबारा ढूँढ सकें। अपनी साइट याद रखना या बुकमार्क करना आसान बनाएँ।

फ़ीडबैक लें और सुधारते रहें: विज़िटर से पूछें कि वे क्यों चले जाते हैं। सर्वे या एग्ज़िट इंटेंट पॉप-अप इस्तेमाल करें। समझें कि आप क्या सोचते हैं कि आपकी साइट करती है और विज़िटर असल में क्या अनुभव करते हैं, इनमें कमी कहाँ है। सबसे बड़ी रुकावटें पहले ठीक करें।

अच्छा रिटेंशन रेट क्या होता है?

यह आपकी इंडस्ट्री और लक्ष्य पर निर्भर करता है। कंटेंट साइट के लिए 15 से 25% का 7 दिन का रिटेंशन अच्छा है। ई-कॉमर्स के लिए 5 से 10% आम है। सब्सक्रिप्शन सेवाओं के लिए 30% से ऊपर मज़बूत है। असली मेट्रिक यह है कि रिटेंशन महीने-दर-महीने सुधर रहा है या गिर रहा है। रिटेंशन बढ़ रहा हो, तो आप लोगों को जोड़े रख रहे हैं। रिटेंशन गिर रहा हो, तो कोई समस्या है।

लोग अलग-अलग डिवाइस इस्तेमाल करें, तो लौटने वाले विज़िटर कैसे ट्रैक करूँ?

यूज़र अकाउंट या ईमेल पर आधारित ट्रैकिंग इस्तेमाल करें। विज़िटर मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों पर लॉग-इन करे, तो एनालिटिक्स सिस्टम उसे एक ही व्यक्ति के रूप में पहचान सकता है। लॉग-इन न हो, तो आप ऐसी स्थायी कुकी लगा सकते हैं जो सभी डिवाइस पर चले, हालाँकि कुछ विज़िटर सेशन के बीच कुकी मिटा सकते हैं। सबसे सटीक तरीका ईमेल वेरिफ़िकेशन है: जब लोग आपकी ईमेल लिस्ट में जुड़ें, तो ईमेल पते से ट्रैक करें।

मुझे 7 दिन के रिटेंशन पर ध्यान देना चाहिए या 30 दिन के?

दोनों अलग वजहों से मायने रखते हैं। 7 दिन का रिटेंशन बताता है कि लोगों को तुरंत कुछ काम का मिलता है या नहीं। 30 दिन का रिटेंशन बताता है कि दिलचस्पी बनी रहती है या नहीं। पहले 7 दिन का रिटेंशन देखें: वह 10% से कम है, तो आपकी साइट पहली बार आने वालों से किया वादा पूरा नहीं कर रही। 7 दिन का रिटेंशन मज़बूत हो जाए (20% से ऊपर), तो वफ़ादार दर्शक बनाने के लिए 30 दिन पर ध्यान दें।

कैसे पता चले कि कम रिटेंशन ट्रैफ़िक की क्वालिटी की समस्या है या साइट की?

ट्रैफ़िक सोर्स के हिसाब से रिटेंशन की तुलना करें। ऑर्गैनिक सर्च के विज़िटर 15% लौटते हैं, पर विज्ञापन के विज़िटर 3%, तो आपके विज्ञापन ग़लत दर्शकों को खींच रहे हैं। सभी ट्रैफ़िक सोर्स का रिटेंशन कम है (सब 10% से नीचे), तो समस्या आपकी साइट में है। पहले ट्रैफ़िक की क्वालिटी ठीक करें: अपनी साइट पर सिर्फ़ सही विज़िटर भेजें। फिर साइट का अनुभव सुधारें।

मेरा बिज़नेस मॉडल एक बार की ख़रीद का है, तो क्या रिटेंशन मायने रखता है?

हाँ, एक बार की ख़रीद में भी रिटेंशन फ़ायदा देता है। विज़िटर शायद पहली विज़िट पर न ख़रीदें, उन्हें फ़ैसले के लिए समय चाहिए। 7 से 30 दिन का ज़्यादा रिटेंशन बताता है कि लोग ख़रीदने से पहले और जानने के लिए लौट रहे हैं। एक बार की ख़रीद वाले बिज़नेस में अक्सर बिक्री का चक्र लंबा होता है, और ख़रीदने से पहले विज़िटर कई बार लौटते हैं।

रिटेंशन ट्रैक करने के लिए कौन सा टूल इस्तेमाल करूँ?

ज़्यादातर एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म में रिटेंशन ट्रैकिंग पहले से होती है: Google Analytics और ज़्यादातर प्रोडक्ट एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म में कोहोर्ट और रिटेंशन रिपोर्ट होती हैं। इसे अपने एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म के कोहोर्ट या रिटेंशन सेक्शन में सेट करें। और एडवांस्ड ट्रैकिंग चाहिए, तो अपने एनालिटिक्स टूल में ट्रैफ़िक सोर्स और डिवाइस के हिसाब से सेगमेंट करें। ईमेल पर आधारित ट्रैकिंग के लिए अपना ईमेल प्लेटफ़ॉर्म या कस्टमर डेटाबेस इस्तेमाल करें।

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