कैनोनिकल URL वेबपेज का वह पसंदीदा वर्ज़न है जिसे सर्च इंजन को इंडेक्स करना चाहिए, जब आपकी वेबसाइट पर मिलते-जुलते या एक जैसे कंटेंट वाले कई पेज हों। यह सर्च इंजन को बताता है कि पेज का कौन सा वर्ज़न "मुख्य" या असली है। इससे रैंकिंग सिग्नल एक जगह जुड़ते हैं और डुप्लिकेट कंटेंट से होने वाली SEO दिक्कतों से बचाव होता है।
कैनोनिकल URL इस्तेमाल करने से सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन (SEO) बेहतर होता है, क्योंकि पेज की अथॉरिटी डुप्लिकेट पेज में नहीं बंटती। इससे पक्का होता है कि सारी लिंक इक्विटी, इंडेक्सिंग और रैंकिंग का फ़ायदा वेबपेज के सही वर्ज़न को मिले। ई-कॉमर्स साइट और कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम में कैनोनिकल टैग बहुत काम के हैं।