इनफ़रेंशियल स्टैटिस्टिक्स सांख्यिकी की वह शाखा है जिसमें छोटे सैंपल के डेटा के आधार पर बड़ी आबादी के बारे में नतीजे निकाले जाते हैं या अनुमान लगाए जाते हैं। इसमें हाइपोथिसिस टेस्टिंग, कॉन्फ़िडेंस इंटरवल, रिग्रेशन एनालिसिस और प्रोबेबिलिटी मॉडल जैसे तरीकों से पैरामीटर का अनुमान लगाया जाता है, मान्यताएं जांची जाती हैं और काम के रिश्ते पहचाने जाते हैं।
इनफ़रेंशियल स्टैटिस्टिक्स से बिज़नेस और रिसर्चर पूरी आबादी का विश्लेषण किए बिना डेटा पर आधारित फ़ैसले ले सकते हैं, जिससे समय और संसाधन बचते हैं। इससे मार्केट रिसर्च और फ़ाइनेंस से लेकर हेल्थकेयर और सामाजिक विज्ञान तक कई क्षेत्रों में सटीक नतीजे निकालना, जोखिम संभालना, रणनीतिक प्लानिंग और सोचे-समझे फ़ैसले लेना संभव होता है।