प्रोपेगेशन बताता है कि सर्च इंजन वेबसाइट पर किए गए बदलावों को कैसे पहचानता है। इन बदलावों में कंटेंट अपडेट, तकनीकी बदलाव, ऑप्टिमाइज़ेशन से जुड़े बदलाव वगैरह शामिल हैं। सर्च इंजन जोड़े गए नए कीवर्ड, बनाए गए नए बैकलिंक जैसी चीज़ों का असर पहचानते हैं।
प्रोपेगेशन से यह भी तय होता है कि क्रॉलर और इंडेक्सर नए बदलावों पर कैसे प्रतिक्रिया दें, और इससे समय के साथ वेबसाइट को ऊपर रैंक करने में मदद मिलती है। ये बदलाव और इन्हें ट्रैक करने की क्षमता वेबसाइट मालिकों को अपने SEO काम की योजना बनाने और अपनी साइट पर यूज़र लाने में मदद करते हैं।