स्पीच-टू-टेक्स्ट ट्रांसलेशन स्पीच रिकग्निशन तकनीक से बोली गई भाषा को लिखे हुए टेक्स्ट में बदलने की प्रक्रिया है। इससे बातचीत या भाषण जैसा ऑडियो कंटेंट ऐसे टेक्स्ट में लिखा जा सकता है, जिसका विश्लेषण किया जा सके, जिसे सेव किया जा सके या आगे प्रोसेस किया जा सके।
यह तकनीक ज़रूरी है, क्योंकि यह एक्सेसिबिलिटी बढ़ाती है, काम की क्षमता बढ़ाती है और कंटेंट संभालना आसान बनाती है। इसका इस्तेमाल ट्रांसक्रिप्शन सर्विस, आवाज़ से चलने वाले असिस्टेंट और रियल-टाइम कैप्शन जैसे ऐप में खूब होता है, जिससे यूज़र हाथ से टाइप किए बिना डिवाइस और कंटेंट को आसानी से इस्तेमाल कर पाते हैं।