लैगिंग इंडिकेटर एक आंकड़ा या डेटा पॉइंट है, जो पिछले कामों के नतीजे दिखाता है। यह आमतौर पर बताता है कि किसी तय समय में कोई चीज़ कितनी अच्छी चली, पर भविष्य की परफ़ॉर्मेंस का अनुमान नहीं लगाता। इसके आम उदाहरण हैं बिक्री से कमाई, मुनाफ़े का मार्जिन और बेरोज़गारी दर।
लैगिंग इंडिकेटर ज़रूरी हैं, क्योंकि इनसे पिछली रणनीतियों या फ़ैसलों के असर की इनसाइट मिलती है। ये पिछली परफ़ॉर्मेंस आंकने में मदद करते हैं, पर भविष्य के ट्रेंड का अनुमान लगाने में काम के नहीं हैं। बिज़नेस अक्सर इन्हें लीडिंग इंडिकेटर के साथ इस्तेमाल करते हैं, जो भविष्य की इनसाइट देते हैं, ताकि सोच-समझकर फ़ैसले लिए जा सकें और आगे की रणनीति बेहतर हो।