मल्टीलिंगुअलिज़्म यानी बहुभाषिकता एक से ज़्यादा भाषाओं में बात करने की क्षमता है। इसमें कई भाषाएं बोलना, समझना और कभी-कभी पढ़ना और लिखना भी शामिल है। यह किसी व्यक्ति, ग्रुप या ऐसे समुदाय पर लागू हो सकती है जहां कई भाषाएं नियमित रूप से इस्तेमाल होती हैं।
बहुभाषिकता ज़रूरी है, क्योंकि इससे अलग-अलग संस्कृतियों के बीच बातचीत बेहतर होती है और लोगों को बड़ा नज़रिया मिलता है। इससे ग्लोबल बिज़नेस, पढ़ाई और यात्रा में मौके खुलते हैं और लोग ज़्यादा लोगों और विचारों से जुड़ पाते हैं। साथ ही, बहुभाषिकता से दिमाग को भी फ़ायदे होते हैं, जैसे समस्याएं सुलझाने और कई काम एक साथ करने की बेहतर क्षमता।