ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी (TLS) क्या है?

ड्राफ़्ट

ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी (TLS) एक सुरक्षा प्रोटोकॉल है, जो वेब ब्राउज़र और सर्वर के बीच की बातचीत को एन्क्रिप्ट करता है, ताकि इंटरनेट पर भेजा गया डेटा निजी और सुरक्षित रहे। यह भेजे जाते समय पासवर्ड, पेमेंट जानकारी या निजी डेटा जैसी संवेदनशील जानकारी तक बिना इजाज़त वाले लोगों की पहुंच या उसमें बदलाव रोकता है।

TLS भेजने वाले और पाने वाले के बीच एक एन्क्रिप्टेड कनेक्शन बनाकर काम करता है, जिसमें एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम डेटा को उलझा देते हैं। इससे पक्का होता है कि अगर डेटा बीच में पकड़ भी लिया जाए, तो सही डिक्रिप्शन की के बिना उसे पढ़ा नहीं जा सकता। TLS इस्तेमाल करने वाली वेबसाइटों के URL में "HTTPS" दिखता है, जो यूज़र को बताता है कि उनका कनेक्शन सुरक्षित है। डेटा को सही और गोपनीय रखने और चोरी-छिपे सुनने और छेड़छाड़ जैसे साइबर खतरों से बचाने में TLS की अहम भूमिका है।

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