कुछ ब्रांड तुरंत भरोसेमंद क्यों लगते हैं, जबकि दूसरे अच्छे प्रोडक्ट के बावजूद अनाड़ी लगते हैं? इसके जवाब का एक हिस्सा कलर कॉन्ट्रास्ट है। सुधारने के लिए आपको डिज़ाइन की डिग्री नहीं चाहिए। आपको एक साफ़ परिभाषा और कुछ प्रैक्टिकल जाँचें चाहिए।
कलर कॉन्ट्रास्ट टेक्स्ट और बैकग्राउंड की हल्केपन की दूरी को मापता है। इस चैप्टर में आसान भाषा में समझाया गया है कि इसका मतलब क्या है, यह आपकी वेबसाइट और मार्केटिंग पर क्यों असर डालता है, और इसे बिना भारी शब्दों में उलझे कैसे इस्तेमाल करें। आप यह भी देखेंगे कि डिज़ाइन में व्हाइट स्पेस इसी तस्वीर में कैसे फ़िट होता है। चलिए, एक-एक कदम करके समझते हैं।
कलर कॉन्ट्रास्ट के पीछे के मुख्य विचार
कलर कॉन्ट्रास्ट टेक्स्ट और बैकग्राउंड की हल्केपन की दूरी को मापता है।
पर्याप्त कॉन्ट्रास्ट से कंटेंट सभी विज़िटर के लिए पढ़ने लायक रहता है।
कॉन्ट्रास्ट के साथ मिलकर डिज़ाइन में व्हाइट स्पेस विज़ुअल शोर को घटाता है।
इसे काम में लाना
पब्लिश करने से पहले कॉन्ट्रास्ट चेकर से मुख्य टेक्स्ट, लिंक और बटन टेस्ट करें।
इस विषय को मॉड्यूल के बाकी हिस्से से जोड़ने के लिए कलर स्कीम और वेबसाइट में कलर की आम गलतियाँ देखें।
जब आप सीख रहे हों, तो कभी-कभार पूरा रीडिज़ाइन करने से छोटे और लगातार सुधार बेहतर होते हैं।
आज ही काम आने वाली प्रैक्टिकल चेकलिस्ट
पब्लिश करने से पहले कॉन्ट्रास्ट चेकर से मुख्य टेक्स्ट, लिंक और बटन टेस्ट करें।
कोई भी पेज जाँचते समय देखें कि कलर कॉन्ट्रास्ट से जुड़ी बात मोबाइल पर पहली स्क्रॉल में ही दिख रही है या नहीं। अगर नहीं, तो बारीकियाँ सँवारने से पहले सेक्शन का क्रम बदलें।
बदलाव से पहले और बाद के स्क्रीनशॉट सेव करें, ताकि आपको पता चले कि आपकी साइट पर कलर कॉन्ट्रास्ट के मामले में क्या सचमुच काम आया।
यह चेकलिस्ट उन सभी को दें जो आपकी साइट अपडेट करते हैं, ताकि नए पेजों पर भी डिज़ाइन में व्हाइट स्पेस को लेकर एकरूपता बनी रहे।
इस महीने कोई एक मेट्रिक देखने के लिए चुनें, जैसे पेज पर बिताया समय या फ़ॉर्म शुरू करने वाले लोग, ताकि डिज़ाइन के बदलाव सिर्फ़ पसंद पर नहीं, बिज़नेस के नतीजों से जुड़े रहें।
यह विषय आपके पूरे ब्रांड से कैसे जुड़ता है
विज़ुअल फ़ैसले शायद ही कभी एक ही पेज तक सीमित रहते हैं। कॉन्ट्रास्ट के साथ मिलकर डिज़ाइन में व्हाइट स्पेस विज़ुअल शोर को घटाता है।
आपकी सोशल पोस्ट, ईमेल और प्रिंट की चीज़ें वही हायरार्की, रंग और टाइप के नियम दोहराएँ जो आप वेब पर इस्तेमाल करते हैं।
जब ब्रांड के विज़ुअल इधर-उधर हो जाते हैं, तो ग्राहक को हल्का सा बेमेल महसूस होता है, भले ही वह उसे समझा न पाए।
इस मॉड्यूल के जुड़े हुए चैप्टर से तुलना करने के लिए कलर थ्योरी क्या है देखें।
पर्याप्त कॉन्ट्रास्ट से कंटेंट सभी विज़िटर के लिए पढ़ने लायक रहता है।
वे सवाल जो लोग अक्सर छोड़ देते हैं
डिज़ाइन में व्हाइट स्पेस और कलर थ्योरी जैसे दूसरे शब्द आपको गहरे उदाहरण खोजने और अपने काम की आम मानकों से तुलना करने में मदद करते हैं।
कॉन्ट्रास्ट के साथ मिलकर डिज़ाइन में व्हाइट स्पेस विज़ुअल शोर को घटाता है।
एक ऐसा बदलाव लिख लें जिसे आप इस हफ़्ते लाइव पेज पर पहले और बाद के रूप में टेस्ट करेंगे। नापे-तोले छोटे बदलाव धुँधली योजनाओं से बेहतर होते हैं।
अपनी टीम को कलर कॉन्ट्रास्ट के आसपास की साझा शब्दावली सिखाने से डिज़ाइनर और एजेंसी के साथ बदलावों के दौर कम हो जाते हैं।
वे टूल जो विज़ुअल अपडेट आसान बनाते हैं
लेआउट और स्टाइलिंग की कई दिक्कतें सुधारने के लिए आपको कस्टम कोड की ज़रूरत नहीं होती। विज़ुअल एडिटर से आप स्पेसिंग, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं और साथ ही मोबाइल व डेस्कटॉप व्यू देख सकते हैं।
WEMASY में विज़ुअल एडिटिंग वाला वेबसाइट बिल्डर है, ताकि आप हर छोटे बदलाव के लिए डेवलपर का इंतज़ार किए बिना बदलाव पब्लिश कर सकें। जो सीखा है उसे लागू करने के लिए तैयार हों, तो वेबसाइट बिल्डर खोलें।
अपडेट पब्लिश करने के बाद कलर स्कीम और वेबसाइट में कलर की आम गलतियाँ फिर देखें, ताकि पूरा मॉड्यूल आपके दिमाग में जुड़ा रहे।
अब आपके पास कलर कॉन्ट्रास्ट को देखने का एक काम का नज़रिया है। इसे तब इस्तेमाल करें जब आप अपनी साइट जाँचें, मार्केटिंग एसेट मंज़ूर करें या डिज़ाइनर को ब्रीफ़ दें। इस मॉड्यूल में आगे बढ़ते रहने के लिए वेबसाइट में कलर की आम गलतियाँ और कलर थ्योरी क्या है पढ़ें।
कलर कॉन्ट्रास्ट सीखना धीरे-धीरे आने वाला हुनर है। कोई एक सुधार लागू करने के बाद इस चैप्टर पर दोबारा आएँ, ताकि बातें पढ़ने से आदत में बदल जाएँ। हर नियम को एक साथ रटने से बेहतर है कि छोटी-छोटी समीक्षाएँ बार-बार करें। यह भी नोट करते रहें कि आपके दर्शकों पर क्या काम किया, ताकि अगला अपडेट तेज़ हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कलर कॉन्ट्रास्ट सुधारने में कितना समय लगता है?
ज़्यादातर छोटे बिज़नेस इस चैप्टर की बुनियादी बातें लागू करने के बाद कुछ ही फ़ोकस्ड सेशन में पेज साफ़ होते देखते हैं। अपने होमपेज से शुरू करें, फिर वही नियम सर्विस और कॉन्टैक्ट पेज पर लागू करें।
क्या कलर कॉन्ट्रास्ट पर काम करने के लिए डिज़ाइनर चाहिए?
जटिल रीब्रांडिंग में डिज़ाइनर मदद करता है, लेकिन कलर कॉन्ट्रास्ट से जुड़े कई सुधार आप खुद कर सकते हैं, बस यह पता होना चाहिए कि क्या देखना है। इससे जुड़ी जानकारी के लिए इस चैप्टर के साथ कलर स्कीम भी पढ़ें।
क्या WEMASY आपकी वेबसाइट पर कलर कॉन्ट्रास्ट लागू करने में मदद कर सकता है?
WEMASY के वेबसाइट बिल्डर में विज़ुअल एडिटर है, जिससे आप बिना कोड के लेआउट, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं। टेम्पलेट अपडेट करने और मोबाइल पर बदलाव देखने के लिए वेबसाइट बिल्डर खोलें।
कलर कॉन्ट्रास्ट में सबसे आम गलती क्या होती है?
लोग एक बार में सब कुछ ठीक करने की कोशिश करते हैं, बजाय एक समय में एक पेज के। कोई एक प्राथमिकता चुनें, जैसे पढ़ने में आसानी या कॉन्ट्रास्ट, फिर अगले सुधार के लिए वेबसाइट में कलर की आम गलतियाँ देखें।
कलर कॉन्ट्रास्ट का SEO से क्या संबंध है?
साफ़ विज़ुअल हायरार्की और पढ़ने लायक टाइप विज़िटर को पेज पर ज़्यादा देर रोकते हैं, जिससे वे एंगेजमेंट सिग्नल मज़बूत होते हैं जिन पर सर्च इंजन नज़र रखते हैं। सबसे अच्छे नतीजों के लिए डिज़ाइन के सुधार के साथ कंटेंट का मज़बूत ढाँचा भी रखें।
कलर कॉन्ट्रास्ट के बाद आगे क्या सीखना चाहिए?
ऑनलाइन अपने ब्रांड के लिए पूरा विज़ुअल सिस्टम बनाने के लिए इस किताब में कलर स्कीम और वेबसाइट में कलर की आम गलतियाँ पढ़ें।