कलर थ्योरी क्या है

कलर थ्योरी बताती है कि रंग आपस में कैसे जुड़ते हैं, कैसे मिलते हैं और स्क्रीन व प्रिंट में हमें कैसे दिखते हैं। इस चैप्टर में कलर थ्योरी और उसे अपनी वेबसाइट व ब्रांड मटीरियल में इस्तेमाल करने का तरीका बताया गया है।

ड्राफ़्ट

आप किसी मंगलवार की देर शाम अपना होमपेज रिफ़्रेश करते हैं। हेडलाइन ठीक है, फ़ोटो भी ठीक हैं, फिर भी विज़िटर कुछ ही सेकंड में लौट जाते हैं। आप सोचने लगते हैं कि कहीं कलर थ्योरी वही चीज़ तो नहीं जिसे आप अनदेखा करते आए हैं। अक्सर यही होता है। छोटे विज़ुअल फ़ैसले पहली छाप को उससे कहीं तेज़ी से बनाते हैं जितना ज़्यादातर बिज़नेस मालिक सोचते हैं।

कलर थ्योरी बताती है कि रंग आपस में कैसे जुड़ते हैं, कैसे मिलते हैं और स्क्रीन व प्रिंट में हमें कैसे दिखते हैं। इस चैप्टर में आसान भाषा में समझाया गया है कि इसका मतलब क्या है, यह आपकी वेबसाइट और मार्केटिंग पर क्यों असर डालती है, और इसे बिना भारी शब्दों में उलझे कैसे इस्तेमाल करें। आप यह भी देखेंगे कि डिज़ाइनरों के लिए कलर थ्योरी इसी तस्वीर में कैसे फ़िट होती है। चलिए, एक-एक कदम करके समझते हैं।

कलर थ्योरी क्या है

कलर थ्योरी बताती है कि रंग आपस में कैसे जुड़ते हैं, कैसे मिलते हैं और स्क्रीन व प्रिंट में हमें कैसे दिखते हैं।

असल में आपकी वेबसाइट के हेडर, सर्विस पेज, सोशल ग्राफ़िक्स और प्रिंट मटीरियल में कलर थ्योरी से जुड़ी बातें दिखती हैं। जब आप इसे सही नाम से जानते हैं, तो डिज़ाइनर को जल्दी ब्रीफ़ दे पाते हैं और ड्राफ़्ट भरोसे के साथ जाँच पाते हैं।

डिज़ाइनरों के लिए कलर थ्योरी जैसे जुड़े हुए विषय सीधे इससे संबंधित हैं। इस मॉड्यूल का बाकी हिस्सा पढ़ते समय इन्हें ध्यान में रखें।

यह आपको ब्रांड पैलेट और वेबसाइट थीम के लिए एक साझा भाषा देती है।

कलर थ्योरी आपके बिज़नेस के लिए क्यों ज़रूरी है?

ग्राहक हर शब्द पढ़ने से पहले ही लेआउट देखकर भरोसे का अंदाज़ा लगा लेते हैं। साफ़ विज़ुअल ढाँचा उलझन घटाता है और आपके ऑफ़र को समझना आसान बनाता है।

कलर व्हील और हार्मनी के नियम डिज़ाइनरों के लिए कलर थ्योरी के केंद्र में हैं।

एक मुख्य ब्रांड कलर और एक एक्सेंट कलर चुनें, फिर उन्हें बटन और हेडिंग पर टेस्ट करें।

अगर आप देखना चाहते हैं कि यह आस-पास के विषयों से कैसे जुड़ता है, तो आगे कलर साइकोलॉजी क्या है और मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी पढ़ें।

आज ही काम आने वाली प्रैक्टिकल चेकलिस्ट

एक मुख्य ब्रांड कलर और एक एक्सेंट कलर चुनें, फिर उन्हें बटन और हेडिंग पर टेस्ट करें।

कोई भी पेज जाँचते समय देखें कि कलर थ्योरी से जुड़ी बात मोबाइल पर पहली स्क्रॉल में ही दिख रही है या नहीं। अगर नहीं, तो बारीकियाँ सँवारने से पहले सेक्शन का क्रम बदलें।

बदलाव से पहले और बाद के स्क्रीनशॉट सेव करें, ताकि आपको पता चले कि आपकी साइट पर कलर थ्योरी के मामले में क्या सचमुच काम आया।

यह चेकलिस्ट उन सभी को दें जो आपकी साइट अपडेट करते हैं, ताकि नए पेजों पर भी डिज़ाइनरों के लिए कलर थ्योरी को लेकर एकरूपता बनी रहे।

इस महीने कोई एक मेट्रिक देखने के लिए चुनें, जैसे पेज पर बिताया समय या फ़ॉर्म शुरू करने वाले लोग, ताकि डिज़ाइन के बदलाव सिर्फ़ पसंद पर नहीं, बिज़नेस के नतीजों से जुड़े रहें।

यह विषय आपके पूरे ब्रांड से कैसे जुड़ता है

विज़ुअल फ़ैसले शायद ही कभी एक ही पेज तक सीमित रहते हैं। कलर व्हील और हार्मनी के नियम डिज़ाइनरों के लिए कलर थ्योरी के केंद्र में हैं।

आपकी सोशल पोस्ट, ईमेल और प्रिंट की चीज़ें वही हायरार्की, रंग और टाइप के नियम दोहराएँ जो आप वेब पर इस्तेमाल करते हैं।

जब ब्रांड के विज़ुअल इधर-उधर हो जाते हैं, तो ग्राहक को हल्का सा बेमेल महसूस होता है, भले ही वह उसे समझा न पाए।

इस मॉड्यूल के जुड़े हुए चैप्टर से तुलना करने के लिए ब्रांडिंग में कलर साइकोलॉजी देखें।

यह आपको ब्रांड पैलेट और वेबसाइट थीम के लिए एक साझा भाषा देती है।

वे सवाल जो लोग अक्सर छोड़ देते हैं

डिज़ाइनरों के लिए कलर थ्योरी और कलर व्हील जैसे दूसरे शब्द आपको गहरे उदाहरण खोजने और अपने काम की आम मानकों से तुलना करने में मदद करते हैं।

कलर व्हील और हार्मनी के नियम डिज़ाइनरों के लिए कलर थ्योरी के केंद्र में हैं।

एक ऐसा बदलाव लिख लें जिसे आप इस हफ़्ते लाइव पेज पर पहले और बाद के रूप में टेस्ट करेंगे। नापे-तोले छोटे बदलाव धुँधली योजनाओं से बेहतर होते हैं।

अपनी टीम को कलर थ्योरी के आसपास की साझा शब्दावली सिखाने से डिज़ाइनर और एजेंसी के साथ बदलावों के दौर कम हो जाते हैं।

वे टूल जो विज़ुअल अपडेट आसान बनाते हैं

लेआउट और स्टाइलिंग की कई दिक्कतें सुधारने के लिए आपको कस्टम कोड की ज़रूरत नहीं होती। विज़ुअल एडिटर से आप स्पेसिंग, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं और साथ ही मोबाइल व डेस्कटॉप व्यू देख सकते हैं।

WEMASY में विज़ुअल एडिटिंग वाला वेबसाइट बिल्डर है, ताकि आप हर छोटे बदलाव के लिए डेवलपर का इंतज़ार किए बिना बदलाव पब्लिश कर सकें। जो सीखा है उसे लागू करने के लिए तैयार हों, तो वेबसाइट बिल्डर खोलें।

अपडेट पब्लिश करने के बाद कलर साइकोलॉजी क्या है और मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी फिर देखें, ताकि पूरा मॉड्यूल आपके दिमाग में जुड़ा रहे।

अब आपके पास कलर थ्योरी को देखने का एक काम का नज़रिया है। इसे तब इस्तेमाल करें जब आप अपनी साइट जाँचें, मार्केटिंग एसेट मंज़ूर करें या डिज़ाइनर को ब्रीफ़ दें। इस मॉड्यूल में आगे बढ़ते रहने के लिए मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी और ब्रांडिंग में कलर साइकोलॉजी पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कलर थ्योरी सुधारने में कितना समय लगता है?

ज़्यादातर छोटे बिज़नेस इस चैप्टर की बुनियादी बातें लागू करने के बाद कुछ ही फ़ोकस्ड सेशन में पेज साफ़ होते देखते हैं। अपने होमपेज से शुरू करें, फिर वही नियम सर्विस और कॉन्टैक्ट पेज पर लागू करें।

क्या कलर थ्योरी पर काम करने के लिए डिज़ाइनर चाहिए?

जटिल रीब्रांडिंग में डिज़ाइनर मदद करता है, लेकिन कलर थ्योरी से जुड़े कई सुधार आप खुद कर सकते हैं, बस यह पता होना चाहिए कि क्या देखना है। इससे जुड़ी जानकारी के लिए इस चैप्टर के साथ कलर साइकोलॉजी क्या है भी पढ़ें।

क्या WEMASY आपकी वेबसाइट पर कलर थ्योरी लागू करने में मदद कर सकता है?

WEMASY के वेबसाइट बिल्डर में विज़ुअल एडिटर है, जिससे आप बिना कोड के लेआउट, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं। टेम्पलेट अपडेट करने और मोबाइल पर बदलाव देखने के लिए वेबसाइट बिल्डर खोलें।

कलर थ्योरी में सबसे आम गलती क्या होती है?

लोग एक बार में सब कुछ ठीक करने की कोशिश करते हैं, बजाय एक समय में एक पेज के। कोई एक प्राथमिकता चुनें, जैसे पढ़ने में आसानी या कॉन्ट्रास्ट, फिर अगले सुधार के लिए मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी देखें।

कलर थ्योरी का SEO से क्या संबंध है?

साफ़ विज़ुअल हायरार्की और पढ़ने लायक टाइप विज़िटर को पेज पर ज़्यादा देर रोकते हैं, जिससे वे एंगेजमेंट सिग्नल मज़बूत होते हैं जिन पर सर्च इंजन नज़र रखते हैं। सबसे अच्छे नतीजों के लिए डिज़ाइन के सुधार के साथ कंटेंट का मज़बूत ढाँचा भी रखें।

कलर थ्योरी के बाद आगे क्या सीखना चाहिए?

ऑनलाइन अपने ब्रांड के लिए पूरा विज़ुअल सिस्टम बनाने के लिए इस किताब में कलर साइकोलॉजी क्या है और मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी पढ़ें।

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और पढ़ें: विज़ुअल डिज़ाइन की पूरी जानकारी

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