कई विज़िटर किसी पेज पर रुकने या जाने का फ़ैसला करने से पहले लगभग सात सेकंड देते हैं। उस छोटे से समय में आपकी सेल्स कॉपी से ज़्यादा काम मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी का होता है। विज़ुअल साफ़-सफ़ाई वे अतिरिक्त सेकंड दिलाती है जो आपको अपना ऑफ़र समझाने के लिए चाहिए।
ब्रांडिंग में कलर साइकोलॉजी का मतलब ऐसे रंग चुनना है जो उस पर्सनैलिटी से मेल खाएँ जिसका वादा आप ग्राहकों से करते हैं। इस चैप्टर में आसान भाषा में समझाया गया है कि इसका मतलब क्या है, यह आपकी वेबसाइट और मार्केटिंग पर क्यों असर डालती है, और इसे बिना भारी शब्दों में उलझे कैसे इस्तेमाल करें। आप यह भी देखेंगे कि कलर साइकोलॉजी मार्केटिंग इसी तस्वीर में कैसे फ़िट होती है। चलिए, एक-एक कदम करके समझते हैं।
मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी का असल में क्या मतलब है
ब्रांडिंग में कलर साइकोलॉजी का मतलब ऐसे रंग चुनना है जो उस पर्सनैलिटी से मेल खाएँ जिसका वादा आप ग्राहकों से करते हैं।
ब्रांड के रंग लोगो, वेबसाइट, इनवॉइस और सोशल टेम्पलेट पर दिखते हैं।
ब्रांड कलर पैलेट सटीक कोड लिखकर रखता है, ताकि शेड एक जैसे बने रहें।
अपनी साइट पर मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी कैसे लागू करें
मुख्य, सेकेंडरी और न्यूट्रल रंगों को हेक्स वैल्यू के साथ एक ही पेज पर लिख लें।
एक पेज से शुरू करें, जैसे आपका होमपेज या मुख्य लैंडिंग पेज। सबसे बड़ी दिक्कत पहले ठीक करें, फिर वही तरीका दूसरे टेम्पलेट पर लागू करें।
नींव के लिए इस चैप्टर के साथ नीले रंग की साइकोलॉजी और इस मॉड्यूल में अगले कदम के लिए लाल रंग की साइकोलॉजी पढ़ें।
आज ही काम आने वाली प्रैक्टिकल चेकलिस्ट
मुख्य, सेकेंडरी और न्यूट्रल रंगों को हेक्स वैल्यू के साथ एक ही पेज पर लिख लें।
कोई भी पेज जाँचते समय देखें कि मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी से जुड़ी बात मोबाइल पर पहली स्क्रॉल में ही दिख रही है या नहीं। अगर नहीं, तो बारीकियाँ सँवारने से पहले सेक्शन का क्रम बदलें।
बदलाव से पहले और बाद के स्क्रीनशॉट सेव करें, ताकि आपको पता चले कि आपकी साइट पर मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी के मामले में क्या सचमुच काम आया।
यह चेकलिस्ट उन सभी को दें जो आपकी साइट अपडेट करते हैं, ताकि नए पेजों पर भी कलर साइकोलॉजी मार्केटिंग को लेकर एकरूपता बनी रहे।
इस महीने कोई एक मेट्रिक देखने के लिए चुनें, जैसे पेज पर बिताया समय या फ़ॉर्म शुरू करने वाले लोग, ताकि डिज़ाइन के बदलाव सिर्फ़ पसंद पर नहीं, बिज़नेस के नतीजों से जुड़े रहें।
यह विषय आपके पूरे ब्रांड से कैसे जुड़ता है
विज़ुअल फ़ैसले शायद ही कभी एक ही पेज तक सीमित रहते हैं। ब्रांड कलर पैलेट सटीक कोड लिखकर रखता है, ताकि शेड एक जैसे बने रहें।
आपकी सोशल पोस्ट, ईमेल और प्रिंट की चीज़ें वही हायरार्की, रंग और टाइप के नियम दोहराएँ जो आप वेब पर इस्तेमाल करते हैं।
जब ब्रांड के विज़ुअल इधर-उधर हो जाते हैं, तो ग्राहक को हल्का सा बेमेल महसूस होता है, भले ही वह उसे समझा न पाए।
इस मॉड्यूल के जुड़े हुए चैप्टर से तुलना करने के लिए लाल रंग की साइकोलॉजी देखें।
ब्रांड के रंग लोगो, वेबसाइट, इनवॉइस और सोशल टेम्पलेट पर दिखते हैं।
वे सवाल जो लोग अक्सर छोड़ देते हैं
कलर साइकोलॉजी मार्केटिंग और ब्रांड कलर पैलेट जैसे दूसरे शब्द आपको गहरे उदाहरण खोजने और अपने काम की आम मानकों से तुलना करने में मदद करते हैं।
ब्रांड कलर पैलेट सटीक कोड लिखकर रखता है, ताकि शेड एक जैसे बने रहें।
एक ऐसा बदलाव लिख लें जिसे आप इस हफ़्ते लाइव पेज पर पहले और बाद के रूप में टेस्ट करेंगे। नापे-तोले छोटे बदलाव धुँधली योजनाओं से बेहतर होते हैं।
अपनी टीम को मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी के आसपास की साझा शब्दावली सिखाने से डिज़ाइनर और एजेंसी के साथ बदलावों के दौर कम हो जाते हैं।
वे टूल जो विज़ुअल अपडेट आसान बनाते हैं
लेआउट और स्टाइलिंग की कई दिक्कतें सुधारने के लिए आपको कस्टम कोड की ज़रूरत नहीं होती। विज़ुअल एडिटर से आप स्पेसिंग, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं और साथ ही मोबाइल व डेस्कटॉप व्यू देख सकते हैं।
WEMASY में विज़ुअल एडिटिंग वाला वेबसाइट बिल्डर है, ताकि आप हर छोटे बदलाव के लिए डेवलपर का इंतज़ार किए बिना बदलाव पब्लिश कर सकें। जो सीखा है उसे लागू करने के लिए तैयार हों, तो वेबसाइट बिल्डर खोलें।
अपडेट पब्लिश करने के बाद नीले रंग की साइकोलॉजी और हरे रंग की साइकोलॉजी फिर देखें, ताकि पूरा मॉड्यूल आपके दिमाग में जुड़ा रहे।
अब आपके पास मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी को देखने का एक काम का नज़रिया है। इसे तब इस्तेमाल करें जब आप अपनी साइट जाँचें, मार्केटिंग एसेट मंज़ूर करें या डिज़ाइनर को ब्रीफ़ दें। इस मॉड्यूल में आगे बढ़ते रहने के लिए हरे रंग की साइकोलॉजी और लाल रंग की साइकोलॉजी पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी सुधारने में कितना समय लगता है?
ज़्यादातर छोटे बिज़नेस इस चैप्टर की बुनियादी बातें लागू करने के बाद कुछ ही फ़ोकस्ड सेशन में पेज साफ़ होते देखते हैं। अपने होमपेज से शुरू करें, फिर वही नियम सर्विस और कॉन्टैक्ट पेज पर लागू करें।
क्या मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी पर काम करने के लिए डिज़ाइनर चाहिए?
जटिल रीब्रांडिंग में डिज़ाइनर मदद करता है, लेकिन मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी से जुड़े कई सुधार आप खुद कर सकते हैं, बस यह पता होना चाहिए कि क्या देखना है। इससे जुड़ी जानकारी के लिए इस चैप्टर के साथ नीले रंग की साइकोलॉजी भी पढ़ें।
क्या WEMASY आपकी वेबसाइट पर मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी लागू करने में मदद कर सकता है?
WEMASY के वेबसाइट बिल्डर में विज़ुअल एडिटर है, जिससे आप बिना कोड के लेआउट, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं। टेम्पलेट अपडेट करने और मोबाइल पर बदलाव देखने के लिए वेबसाइट बिल्डर खोलें।
मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी में सबसे आम गलती क्या होती है?
लोग एक बार में सब कुछ ठीक करने की कोशिश करते हैं, बजाय एक समय में एक पेज के। कोई एक प्राथमिकता चुनें, जैसे पढ़ने में आसानी या कॉन्ट्रास्ट, फिर अगले सुधार के लिए हरे रंग की साइकोलॉजी देखें।
मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी का SEO से क्या संबंध है?
साफ़ विज़ुअल हायरार्की और पढ़ने लायक टाइप विज़िटर को पेज पर ज़्यादा देर रोकते हैं, जिससे वे एंगेजमेंट सिग्नल मज़बूत होते हैं जिन पर सर्च इंजन नज़र रखते हैं। सबसे अच्छे नतीजों के लिए डिज़ाइन के सुधार के साथ कंटेंट का मज़बूत ढाँचा भी रखें।
मार्केटिंग में कलर साइकोलॉजी के बाद आगे क्या सीखना चाहिए?
ऑनलाइन अपने ब्रांड के लिए पूरा विज़ुअल सिस्टम बनाने के लिए इस किताब में नीले रंग की साइकोलॉजी और हरे रंग की साइकोलॉजी पढ़ें।