एक दुकान हर स्क्रीन पर चमकदार दिखती है। दूसरी तंग और पुरानी लगती है, जबकि दोनों एक जैसी सर्विस बेचती हैं। यह फ़र्क़ अक्सर सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ और उसके पीछे की आदतों का होता है। आप फ़र्क़ तुरंत महसूस कर लेते हैं, भले ही अभी हर नियम का नाम न जानते हों।
सेरिफ़ फ़ॉन्ट में अक्षरों के सिरों पर छोटी लकीरें होती हैं, सैन्स सेरिफ़ फ़ॉन्ट में नहीं होतीं। यह चैप्टर आसान भाषा में समझाता है कि इसका मतलब क्या है, यह आपकी वेबसाइट और मार्केटिंग पर क्यों असर डालता है, और भारी शब्दों में उलझे बिना इसे कैसे अपनाएं। आप यह भी देखेंगे कि इसी तस्वीर में टाइपोग्राफ़ी की क्या जगह है। चलिए, इसे कदम दर कदम समझते हैं।
सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ को समझना
सेरिफ़ फ़ॉन्ट में अक्षरों के सिरों पर छोटी लकीरें होती हैं, सैन्स सेरिफ़ फ़ॉन्ट में नहीं होतीं।
वेब सेफ़ फ़ॉन्ट से टेक्स्ट सभी डिवाइस पर एक जैसा दिखता है।
सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ का चुनाव लहजे, पठनीयता और ब्रांड की पर्सनैलिटी पर असर डालता है।
अपने ब्रांड के लिए सही चीज़ कैसे चुनें
स्क्रीन पर लंबे टेक्स्ट के लिए सैन्स सेरिफ़ इस्तेमाल करें, जब तक आपके ब्रांड को साफ़ तौर पर सेरिफ़ की ज़रूरत न हो।
अपनी मौजूदा साइट को फ़ॉन्ट पेयरिंग और वेब सेफ़ फ़ॉन्ट से मिलाकर देखें, ताकि कमियाँ जल्दी पकड़ में आएं।
दो नियम लिख लें जो आप हर नए पेज पर मानेंगे, ताकि फ़ैसले एक जैसे रहें।
आज ही इस्तेमाल करने लायक प्रैक्टिकल चेकलिस्ट
स्क्रीन पर लंबे टेक्स्ट के लिए सैन्स सेरिफ़ इस्तेमाल करें, जब तक आपके ब्रांड को साफ़ तौर पर सेरिफ़ की ज़रूरत न हो।
कोई भी पेज जाँचते समय देखें कि मोबाइल पर पहले स्क्रॉल में ही सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ नज़र आता है या नहीं। अगर नहीं, तो बारीकियाँ सँवारने से पहले सेक्शन का क्रम बदलें।
बदलाव से पहले और बाद के स्क्रीनशॉट सेव करें, ताकि पता चले कि आपकी साइट पर सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ में किस चीज़ से फ़र्क़ पड़ा।
यह चेकलिस्ट उन सबके साथ शेयर करें जो आपकी साइट अपडेट करते हैं, ताकि नए पेजों पर टाइपोग्राफ़ी एक जैसा रहे।
इस महीने देखने के लिए एक मेट्रिक चुनें, जैसे पेज पर बिताया समय या फ़ॉर्म शुरू करने वाले लोग, ताकि डिज़ाइन के बदलाव सिर्फ़ पसंद से नहीं, बिज़नेस नतीजों से जुड़ें।
यह विषय आपके पूरे ब्रांड से कैसे जुड़ता है
विज़ुअल फ़ैसले शायद ही कभी सिर्फ़ एक पेज तक सीमित रहते हैं। वेब सेफ़ फ़ॉन्ट से टेक्स्ट सभी डिवाइस पर एक जैसा दिखता है।
आपकी सोशल पोस्ट, ईमेल और प्रिंट मटीरियल में वही हायरार्की, रंग और टाइपोग्राफ़ी के नियम दिखने चाहिए जो आप वेब पर इस्तेमाल करते हैं।
जब ब्रांड के विज़ुअल इधर-उधर हो जाते हैं, तो ग्राहक हल्का-सा बेमेल महसूस करते हैं, भले ही वे समझा न पाएं।
इस मॉड्यूल के एक जुड़े हुए चैप्टर से बातें मिलाने के लिए वेबसाइट के लिए बेस्ट फ़ॉन्ट देखें।
सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ का चुनाव लहजे, पठनीयता और ब्रांड की पर्सनैलिटी पर असर डालता है।
वे सवाल जिन्हें लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं
टाइपोग्राफ़ी क्या है और वेब सेफ़ फ़ॉन्ट जैसे दूसरे शब्द गहरे उदाहरण खोजने और अपने काम को आम मानकों से मिलाने में मदद करते हैं।
वेब सेफ़ फ़ॉन्ट से टेक्स्ट सभी डिवाइस पर एक जैसा दिखता है।
इस हफ़्ते किसी लाइव पेज पर आप जो एक बदलाव टेस्ट करेंगे, उसका पहले और बाद का हाल लिख लें। नापे-तौले छोटे बदलाव धुंधली योजनाओं से बेहतर हैं।
अपनी टीम को सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ के आसपास एक साझा भाषा सिखाने से डिज़ाइनर और एजेंसी के साथ बार-बार सुधार कराने की नौबत कम हो जाती है।
विज़ुअल अपडेट को आसान बनाने वाले टूल
लेआउट और स्टाइल की कई दिक्कतें ठीक करने के लिए आपको कस्टम कोड की ज़रूरत नहीं है। विज़ुअल एडिटर में आप स्पेसिंग, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं और साथ ही मोबाइल और डेस्कटॉप व्यू का प्रीव्यू देख सकते हैं।
WEMASY में विज़ुअल एडिटिंग वाला वेबसाइट बिल्डर है, ताकि हर छोटे बदलाव के लिए डेवलपर का इंतज़ार किए बिना आप बदलाव पब्लिश कर सकें। जो सीखा है उसे लागू करने के लिए तैयार हों, तो वेबसाइट बिल्डर खोलें।
अपडेट पब्लिश करने पर फ़ॉन्ट पेयरिंग और वेब सेफ़ फ़ॉन्ट दोबारा देखें, ताकि पूरा मॉड्यूल आपके दिमाग में जुड़ा रहे।
अब आपके पास सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ को देखने का एक काम का नज़रिया है। अपनी साइट जाँचते समय, मार्केटिंग मटीरियल मंज़ूर करते समय या डिज़ाइनर को ब्रीफ़ करते समय इसका इस्तेमाल करें। इस मॉड्यूल में रफ़्तार बनाए रखने के लिए वेब सेफ़ फ़ॉन्ट और वेबसाइट के लिए बेस्ट फ़ॉन्ट पढ़ना जारी रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ को बेहतर करने में कितना समय लगता है?
इस चैप्टर की बुनियादी बातें अपनाने के बाद ज़्यादातर छोटे बिज़नेस को कुछ ध्यान लगाकर किए गए सेशन में ही पेज ज़्यादा साफ़ दिखने लगते हैं। अपने होमपेज से शुरू करें, फिर वही नियम सर्विस और कॉन्टैक्ट पेज पर लगाएं।
क्या सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ पर काम करने के लिए आपको डिज़ाइनर चाहिए?
जटिल रीब्रांडिंग में डिज़ाइनर मदद करता है, लेकिन सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ से जुड़े कई सुधार आप खुद कर सकते हैं, बस पता होना चाहिए कि क्या देखना है। इससे जुड़ी जानकारी के लिए इस चैप्टर के साथ फ़ॉन्ट पेयरिंग भी पढ़ें।
क्या WEMASY आपकी वेबसाइट पर सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ लागू करने में मदद कर सकता है?
WEMASY के वेबसाइट बिल्डर में विज़ुअल एडिटर है, जिससे आप बिना कोड के लेआउट, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं। टेम्पलेट अपडेट करने और बदलावों का मोबाइल पर प्रीव्यू देखने के लिए वेबसाइट बिल्डर खोलें।
सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ में सबसे आम गलती क्या है?
लोग एक बार में एक पेज ठीक करने की जगह सब कुछ एक साथ ठीक करने की कोशिश करते हैं। एक ही प्राथमिकता चुनें, जैसे पढ़ने की आसानी या कंट्रास्ट, फिर अगले सुधार के लिए वेब सेफ़ फ़ॉन्ट देखें।
सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ का SEO से क्या संबंध है?
साफ़ विज़ुअल हायरार्की और पढ़ने लायक फ़ॉन्ट विज़िटर को पेज पर ज़्यादा देर रोकते हैं, जिससे वे एंगेजमेंट संकेत मज़बूत होते हैं जिन्हें सर्च इंजन देखते हैं। सबसे अच्छे नतीजों के लिए डिज़ाइन के सुधारों के साथ कंटेंट का मज़बूत स्ट्रक्चर भी रखें।
सेरिफ़ बनाम सैन्स सेरिफ़ के बाद आगे क्या सीखना चाहिए?
इस किताब में फ़ॉन्ट पेयरिंग और वेब सेफ़ फ़ॉन्ट से आगे बढ़ें, ताकि आप अपने ब्रांड के लिए ऑनलाइन एक पूरा विज़ुअल सिस्टम बना सकें।