एक कॉम्पटीटर हर स्क्रीन पर निखरा हुआ दिखता है। दूसरा तंग और पुराना-सा लगता है, जबकि दोनों एक जैसी सर्विस बेचते हैं। फ़र्क़ आमतौर पर डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस और उसके पीछे की आदतों पर आकर टिकता है। हर नियम का नाम न जानते हुए भी आपको यह फ़र्क़ तुरंत दिख जाता है।
डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस विज़ुअल वज़न को ऐसे बाँटता है कि पेज स्थिर महसूस हो। यह चैप्टर आसान भाषा में बताता है कि इसका मतलब क्या है, यह आपकी वेबसाइट और मार्केटिंग पर क्यों असर डालता है और भारी-भरकम शब्दों में उलझे बिना इसे कैसे अपनाएँ। आप यह भी देखेंगे कि विज़ुअल हायरार्की का इसी तस्वीर से क्या रिश्ता है। चलिए, एक-एक कदम करके समझते हैं।
डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस का मतलब, व्यवहार में
डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस विज़ुअल वज़न को ऐसे बाँटता है कि पेज स्थिर महसूस हो।
जब स्पेसिंग और हायरार्की साफ़ रहें, तो असिमेट्री आधुनिक लग सकती है।
डिज़ाइन में व्हाइट स्पेस भारी इमेज को टेक्स्ट के साथ संतुलित करने का एक टूल है।
अपनी साइट पर डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस कैसे लागू करें
अगर सेक्शन का एक तरफ़ का हिस्सा भारी लगे, तो इमेज का साइज़ बदलें या पैडिंग जोड़ें।
एक पेज से शुरू करें, जैसे आपका होमपेज या मुख्य लैंडिंग पेज। सबसे बड़ी दिक्कत पहले ठीक करें, फिर वही तरीका बाकी टेम्पलेट पर अपनाएँ।
इस चैप्टर के साथ बुनियाद के लिए डिज़ाइन अलाइनमेंट और इस मॉड्यूल में अगले कदम के लिए पॉज़िटिव और नेगेटिव स्पेस पढ़ें।
आज ही इस्तेमाल करने लायक प्रैक्टिकल चेकलिस्ट
अगर सेक्शन का एक तरफ़ का हिस्सा भारी लगे, तो इमेज का साइज़ बदलें या पैडिंग जोड़ें।
किसी भी पेज को जाँचते समय देखें कि मोबाइल पर पहले स्क्रोल में ही डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस से जुड़ी चीज़ें साफ़ दिख रही हैं या नहीं। अगर नहीं, तो छोटे-छोटे डिटेल चमकाने से पहले सेक्शन का क्रम बदलें।
बदलाव से पहले और बाद के स्क्रीनशॉट सेव करें, ताकि आप समझ सकें कि आपकी साइट पर डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस के लिए क्या असरदार रहा।
यह चेकलिस्ट उन सभी को दें जो आपकी साइट अपडेट करते हैं, ताकि नए पेजों पर भी विज़ुअल हायरार्की एक जैसा रहे।
इस महीने नज़र रखने के लिए एक मेट्रिक चुनें, जैसे पेज पर बिताया समय या फ़ॉर्म भरना शुरू करने वाले लोग, ताकि डिज़ाइन के बदलाव सिर्फ़ पसंद पर नहीं, बिज़नेस के नतीजों से जुड़े रहें।
यह विषय आपके पूरे ब्रांड से कैसे जुड़ता है
विज़ुअल फ़ैसले शायद ही कभी सिर्फ़ एक पेज तक सीमित रहते हैं। डिज़ाइन में व्हाइट स्पेस भारी इमेज को टेक्स्ट के साथ संतुलित करने का एक टूल है।
आपके सोशल पोस्ट, ईमेल और प्रिंट की चीज़ें भी वही हायरार्की, रंग और टाइप के नियम दोहराएँ जो आप वेब पर इस्तेमाल करते हैं।
जब ब्रांड के विज़ुअल इधर-उधर भटकने लगते हैं, तो ग्राहकों को हल्की-सी बेमेलता महसूस होती है, भले ही वे उसे समझा न पाएँ।
इस मॉड्यूल के किसी जुड़े हुए चैप्टर से तुलना करने के लिए पॉज़िटिव और नेगेटिव स्पेस देखें।
जब स्पेसिंग और हायरार्की साफ़ रहें, तो असिमेट्री आधुनिक लग सकती है।
वे सवाल जिन्हें लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं
विज़ुअल हायरार्की, डिज़ाइन में व्हाइट स्पेस जैसे दूसरे शब्द गहराई वाले उदाहरण खोजने और अपने काम को आम मानकों से मिलाने में मदद करते हैं।
डिज़ाइन में व्हाइट स्पेस भारी इमेज को टेक्स्ट के साथ संतुलित करने का एक टूल है।
एक ऐसा बदलाव लिखें, जिसे आप इस हफ़्ते किसी लाइव पेज पर टेस्ट करेंगे, पहले और बाद की तुलना के साथ। नपे-तुले छोटे बदलाव धुंधली योजनाओं से बेहतर होते हैं।
अपनी टीम को डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस के आसपास एक साझा शब्दावली सिखाने से डिज़ाइनर और एजेंसियों के साथ बार-बार सुधार कराने का चक्कर कम हो जाता है।
विज़ुअल अपडेट को आसान बनाने वाले टूल
लेआउट और स्टाइलिंग की कई दिक्कतें ठीक करने के लिए आपको कस्टम कोड की ज़रूरत नहीं है। विज़ुअल एडिटर में आप मोबाइल और डेस्कटॉप व्यू देखते हुए स्पेसिंग, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं।
WEMASY में विज़ुअल एडिटिंग वाला वेबसाइट बिल्डर शामिल है, ताकि हर छोटे बदलाव के लिए डेवलपर का इंतज़ार किए बिना आप बदलाव पब्लिश कर सकें। जो सीखा है उसे लागू करने के लिए तैयार हों, तो वेबसाइट बिल्डर खोलें।
अपडेट पब्लिश करने के बाद डिज़ाइन अलाइनमेंट और डिज़ाइन कॉन्ट्रास्ट को दोबारा देखें, ताकि यह मॉड्यूल आपके दिमाग में जुड़ा रहे।
अब डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस को देखने का एक काम का नज़रिया आपके पास है। इसे तब इस्तेमाल करें जब आप अपनी साइट जाँचें, मार्केटिंग की चीज़ें मंज़ूर करें या डिज़ाइनर को ब्रीफ़ दें। इस मॉड्यूल में रफ़्तार बनाए रखने के लिए डिज़ाइन कॉन्ट्रास्ट और पॉज़िटिव और नेगेटिव स्पेस से आगे बढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस में सुधार लाने में कितना समय लगता है?
इस चैप्टर की बुनियादी बातें अपनाने के बाद ज़्यादातर छोटे बिज़नेस को कुछ ध्यान से किए गए सेशन में ही पेज पहले से साफ़ दिखने लगते हैं। अपने होमपेज से शुरू करें, फिर वही नियम सर्विस और संपर्क पेजों पर लागू करें।
क्या डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस पर काम करने के लिए आपको डिज़ाइनर चाहिए?
जटिल रीब्रांडिंग में डिज़ाइनर मदद करता है, लेकिन डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस से जुड़े कई सुधार आप खुद कर सकते हैं, बस आपको पता होना चाहिए कि क्या देखना है। इससे जुड़ी जानकारी के लिए इस चैप्टर के साथ डिज़ाइन अलाइनमेंट भी देखें।
क्या WEMASY आपकी वेबसाइट पर डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस अपनाने में मदद कर सकता है?
WEMASY के वेबसाइट बिल्डर में विज़ुअल एडिटर शामिल है, ताकि आप बिना कोड के लेआउट, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकें। टेम्पलेट अपडेट करने और बदलाव को मोबाइल पर देखने के लिए वेबसाइट बिल्डर खोलें।
डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस में सबसे आम गलती क्या होती है?
लोग एक बार में एक पेज ठीक करने की बजाय सब कुछ एक साथ ठीक करने की कोशिश करते हैं। कोई एक प्राथमिकता चुनें, जैसे पढ़ने की आसानी या कॉन्ट्रास्ट, फिर अगले सुधार के लिए डिज़ाइन कॉन्ट्रास्ट देखें।
डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस का SEO से क्या संबंध है?
साफ़ विज़ुअल हायरार्की और पढ़ने में आसान टाइप विज़िटर को पेज पर ज़्यादा देर रोकते हैं, जिससे वे एंगेजमेंट सिग्नल मज़बूत होते हैं जिन पर सर्च इंजन नज़र रखते हैं। बेहतर नतीजों के लिए डिज़ाइन के सुधारों के साथ कंटेंट का मज़बूत ढाँचा भी रखें।
डिज़ाइन में विज़ुअल बैलेंस के बाद आगे कहाँ से सीखें?
अपने ब्रांड के लिए ऑनलाइन पूरा विज़ुअल सिस्टम बनाने के लिए इस किताब में डिज़ाइन अलाइनमेंट और डिज़ाइन कॉन्ट्रास्ट पढ़ना जारी रखें।