डिज़ाइन पर खर्च करना सजावट नहीं है। यह ढांचा है। जब आप डिज़ाइन के बजट को बिज़नेस स्किल की तरह लेते हैं, तो महंगे अंदाज़े कम लगाते हैं और ऐसे पेज बनाते हैं जो लोगों को एक्शन की तरफ़ ले जाएं।
वेबसाइट डिज़ाइन की लागत पेजों की संख्या, कस्टम फ़ीचर, कंटेंट की ज़रूरत और काम कौन करता है, इन पर निर्भर करती है। यह चैप्टर आसान भाषा में बताता है कि इसका मतलब क्या है, यह आपकी वेबसाइट और मार्केटिंग पर क्यों असर डालता है, और भारी-भरकम शब्दों में उलझे बिना इसे कैसे अपनाएं। आप यह भी देखेंगे कि इस पूरी तस्वीर में छोटे बिज़नेस की वेबसाइट डिज़ाइन की क्या जगह है। चलिए, इसे एक-एक कदम करके समझते हैं।
वेबसाइट डिज़ाइन की लागत की प्लानिंग
वेबसाइट डिज़ाइन की लागत पेजों की संख्या, कस्टम फ़ीचर, कंटेंट की ज़रूरत और काम कौन करता है, इन पर निर्भर करती है।
सही अंदाज़े वाला बजट अधूरे प्रोजेक्ट और अचानक आने वाले बिलों से बचाता है।
छोटे बिज़नेस की वेबसाइट डिज़ाइन टेम्पलेट से शुरू हो सकती है और बाद में कस्टम काम तक बढ़ सकती है।
बजट और प्राथमिकता तय करने के समझदार तरीके
आइटम-वार कोटेशन माँगें और सिर्फ़ आख़िरी रकम नहीं, काम का दायरा भी मिलाएं।
वैकल्पिक कस्टम फ़ीचर से पहले उन पेजों की सूची बनाएं जो ज़रूर चाहिए। जब आप डिज़ाइनरों या एजेंसियों से बात करते हैं, तो यह सूची कोटेशन की तुलना आसान बनाए रखती है।
जब काम का दायरा साफ़ हो जाए, तो विज़ुअल लक्ष्यों को खर्च के साथ बैठाने के लिए ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है दोबारा पढ़ें।
आज ही इस्तेमाल करने लायक चेकलिस्ट
आइटम-वार कोटेशन माँगें और सिर्फ़ आख़िरी रकम नहीं, काम का दायरा भी मिलाएं।
कोई भी पेज देखते समय पूछें कि क्या मोबाइल पर पहले स्क्रॉल में ही वेबसाइट डिज़ाइन की लागत की झलक मिलती है। अगर नहीं, तो छोटी बारीकियाँ चमकाने से पहले सेक्शन का क्रम बदलें।
बदलाव से पहले और बाद के स्क्रीनशॉट सेव करें, ताकि आपको पता चले कि आपकी साइट पर वेबसाइट डिज़ाइन की लागत के लिए क्या असरदार रहा।
यह चेकलिस्ट उन सभी के साथ शेयर करें जो आपकी साइट अपडेट करते हैं, ताकि नए पेजों पर भी छोटे बिज़नेस की वेबसाइट डिज़ाइन में एकरूपता बनी रहे।
इस महीने देखने के लिए एक मेट्रिक चुनें, जैसे पेज पर बिताया समय या फ़ॉर्म भरना शुरू करने वालों की संख्या, ताकि डिज़ाइन के बदलाव सिर्फ़ पसंद पर नहीं, बिज़नेस नतीजों से जुड़े रहें।
यह विषय आपके पूरे ब्रांड से कैसे जुड़ता है
विज़ुअल फ़ैसले शायद ही कभी सिर्फ़ एक पेज तक सीमित रहते हैं। छोटे बिज़नेस की वेबसाइट डिज़ाइन टेम्पलेट से शुरू हो सकती है और बाद में कस्टम काम तक बढ़ सकती है।
आपके सोशल पोस्ट, ईमेल और प्रिंट मटीरियल में भी वही हाइरार्की, रंग और टाइप के नियम दिखने चाहिए जो आप वेब पर इस्तेमाल करते हैं।
जब ब्रांड के विज़ुअल इधर-उधर भटकने लगते हैं, तो ग्राहकों को हल्की-सी गड़बड़ महसूस होती है, भले ही वे उसे समझा न पाएं।
इस मॉड्यूल के एक जुड़े हुए चैप्टर से बात मिलाने के लिए डिज़ाइन के सिद्धांत देखें।
सही अंदाज़े वाला बजट अधूरे प्रोजेक्ट और अचानक आने वाले बिलों से बचाता है।
वे सवाल जिन्हें लोग अक्सर छोड़ देते हैं
छोटे बिज़नेस की वेबसाइट डिज़ाइन और वेबसाइट रीडिज़ाइन जैसे जुड़े शब्द आपको और गहरे उदाहरण खोजने और अपने काम को आम मानकों से मिलाने में मदद करते हैं।
छोटे बिज़नेस की वेबसाइट डिज़ाइन टेम्पलेट से शुरू हो सकती है और बाद में कस्टम काम तक बढ़ सकती है।
इस हफ़्ते आप किसी लाइव पेज पर कौन-सा एक बदलाव आज़माएंगे, पहले और बाद के रूप में लिख लें। नापे-तौले छोटे बदलाव धुंधली योजनाओं से बेहतर होते हैं।
अपनी टीम को वेबसाइट डिज़ाइन की लागत के बारे में एक जैसे शब्द सिखाने से डिज़ाइनरों और एजेंसियों के साथ बार-बार सुधार कराने की नौबत कम आती है।
विज़ुअल अपडेट आसान बनाने वाले टूल
लेआउट और स्टाइलिंग की कई दिक्कतें सुधारने के लिए आपको कस्टम कोड की ज़रूरत नहीं है। विज़ुअल एडिटर में आप स्पेसिंग, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं, और साथ ही मोबाइल और डेस्कटॉप व्यू का प्रीव्यू देख सकते हैं।
WEMASY में विज़ुअल एडिटिंग वाला वेबसाइट बिल्डर मिलता है, ताकि हर छोटे बदलाव के लिए डेवलपर का इंतज़ार किए बिना आप बदलाव पब्लिश कर सकें। जब आप सीखी हुई बातें लागू करने के लिए तैयार हों, तब वेबसाइट बिल्डर खोलें।
अपडेट पब्लिश करने के बाद ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है और डिज़ाइन के एलिमेंट की जानकारी दोबारा देखें, ताकि पूरा मॉड्यूल आपके दिमाग़ में जुड़ा रहे।
अब आपके पास वेबसाइट डिज़ाइन की लागत को परखने का एक काम का नज़रिया है। अपनी साइट देखते समय, मार्केटिंग मटीरियल मंज़ूर करते समय या किसी डिज़ाइनर को ब्रीफ़ देते समय इसका इस्तेमाल करें। इस मॉड्यूल में रफ़्तार बनाए रखने के लिए डिज़ाइन के एलिमेंट की जानकारी और डिज़ाइन के सिद्धांत पढ़ें।
वेबसाइट डिज़ाइन की लागत को समझना धीरे-धीरे आने वाला हुनर है। एक सुधार लागू करने के बाद इस चैप्टर को फिर पढ़ें, ताकि ये विचार पढ़ने से निकलकर आपकी आदत बन जाएं। हर नियम एक साथ रटने से बेहतर है कि छोटी-छोटी समीक्षाएँ बार-बार करें। नोट करते रहें कि आपकी ऑडियंस के लिए क्या कारगर रहा, ताकि अगला अपडेट जल्दी हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वेबसाइट डिज़ाइन की लागत को सुधारने में कितना समय लगता है?
इस चैप्टर की बुनियादी बातें लागू करने के बाद ज़्यादातर छोटे बिज़नेस के पेज कुछ ही फ़ोकस्ड सेशन में साफ़ दिखने लगते हैं। अपने होमपेज से शुरू करें, फिर वही नियम सर्विस और कॉन्टैक्ट पेजों पर भी लगाएं।
क्या वेबसाइट डिज़ाइन की लागत पर काम करने के लिए डिज़ाइनर चाहिए?
जटिल रीब्रांडिंग में डिज़ाइनर मदद करता है, लेकिन जब आप जान लेते हैं कि क्या देखना है, तो वेबसाइट डिज़ाइन की लागत से जुड़े कई सुधार आप खुद कर सकते हैं। जुड़ी जानकारी के लिए इस चैप्टर के साथ ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है भी देखें।
क्या WEMASY आपकी वेबसाइट पर वेबसाइट डिज़ाइन की लागत लागू करने में मदद कर सकता है?
WEMASY के वेबसाइट बिल्डर में विज़ुअल एडिटर है, जिससे आप बिना कोड के लेआउट, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं। टेम्पलेट अपडेट करने और मोबाइल पर बदलाव का प्रीव्यू देखने के लिए वेबसाइट बिल्डर खोलें।
वेबसाइट डिज़ाइन की लागत में सबसे आम गलती क्या है?
लोग एक बार में एक पेज सुधारने के बजाय सब कुछ एक साथ ठीक करने की कोशिश करते हैं। कोई एक प्राथमिकता चुनें, जैसे पढ़ने में आसानी या कंट्रास्ट, फिर अगले सुधार के लिए डिज़ाइन के एलिमेंट की जानकारी देखें।
वेबसाइट डिज़ाइन की लागत का SEO से क्या संबंध है?
साफ़ विज़ुअल हाइरार्की और आसानी से पढ़े जाने वाला टेक्स्ट विज़िटर को पेज पर ज़्यादा देर रोकते हैं, जो उन एंगेजमेंट सिग्नल को सहारा देता है जिन पर सर्च इंजन नज़र रखते हैं। सबसे अच्छे नतीजों के लिए डिज़ाइन के सुधारों के साथ कंटेंट का मज़बूत ढांचा भी रखें।
वेबसाइट डिज़ाइन की लागत के बाद आगे क्या सीखना चाहिए?
अपने ब्रांड के लिए ऑनलाइन एक पूरा विज़ुअल सिस्टम बनाने के लिए इस किताब में ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है और डिज़ाइन के एलिमेंट की जानकारी पढ़ें।