SEO से लोग जब आपकी सर्विस खोजते हैं, तब आपकी वेबसाइट दिखती है। जानें SEO क्या है, सर्च इंजन आपके पेज कैसे ढूँढते हैं और यह आपके ब्रांड के लिए क्यों मायने रखता है।
आप वेबसाइट बनाते हैं, उसे अच्छे कंटेंट से भरते हैं और विज़िटर का इंतज़ार करते हैं। लेकिन कोई नहीं आता। साइट अच्छी दिखती है, जानकारी पक्की है, फिर भी लगता है जैसे वह दिखती ही नहीं। इसकी वजह आम तौर पर एक ही होती है: आपकी वेबसाइट सर्च रिज़ल्ट में नहीं दिख रही। यहीं SEO काम आता है।
SEO का मतलब है सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन। यह आपकी वेबसाइट को ऐसा बनाने का तरीक़ा है कि सर्च इंजन उसे आसानी से ढूँढें, समझें और उन लोगों को सुझाएँ जो आपकी सर्विस से जुड़े विषय खोज रहे हैं। अगर आप इस मॉड्यूल को पढ़ते आए हैं, तो आप वेबसाइट की स्पीड, URL और वेबसाइट नेविगेशन के बारे में जान चुके हैं। इन सबकी SEO में भूमिका है।
सर्च इंजन क्या है और वह आपकी वेबसाइट कैसे ढूँढता है?
सर्च इंजन ऐसा टूल है जो लोगों को इंटरनेट पर जानकारी ढूँढने में मदद करता है। जब कोई सवाल या विषय टाइप करता है, तो सर्च इंजन अपना इंडेक्स स्कैन करके सबसे काम के रिज़ल्ट दिखाता है। लेकिन उसे कैसे पता चलता है कि आपकी वेबसाइट पर क्या है?
सर्च इंजन क्रॉलर नाम के ऑटोमैटिक प्रोग्राम इस्तेमाल करते हैं। ये क्रॉलर वेबसाइट पर जाते हैं, कंटेंट पढ़ते हैं, लिंक फ़ॉलो करते हैं और जो मिलता है उसे सर्च इंजन के इंडेक्स में जोड़ देते हैं। इस प्रक्रिया को क्रॉलिंग और इंडेक्सिंग कहते हैं। SEO में क्रॉलिंग क्या है, यह समझने से दिखता है कि आपके कंटेंट का स्ट्रक्चर, लिंक और पेज सेटअप क्यों मायने रखते हैं। अगर क्रॉलर आपके पेज एक्सेस नहीं कर पाता या आपका कंटेंट समझ नहीं पाता, तो वे पेज सर्च रिज़ल्ट में नहीं दिखेंगे।
SEO कैसे काम करता है?
SEO कोई एक अकेला काम नहीं है। यह तरीक़ों का एक सेट है जो सर्च इंजन को आपकी वेबसाइट समझने में मदद करता है, और वह तय करता है कि किसी से जुड़ा विषय खोजे जाने पर उसे दिखाए या नहीं।
1. ऐसा कंटेंट जो लोगों की सर्च से मेल खाए
सर्च इंजन ऐसे रिज़ल्ट दिखाने की कोशिश करते हैं जो खोजने वाले के सवाल का जवाब दें। अगर आपका पेज उस विषय को साफ़ तरीक़े से कवर करता है जो कोई खोज रहा है, तो उसके दिखने की संभावना ज़्यादा है। यानी ऐसा कंटेंट लिखें जो काम का हो, ख़ास हो और सीधे उसी से जुड़ा हो जो आपकी ऑडियंस जानना चाहती है।
2. पेज का स्ट्रक्चर और हेडिंग
सर्च इंजन आपके पेज का स्ट्रक्चर पढ़कर समझते हैं कि कंटेंट किस बारे में है। साफ़ हेडिंग, व्यवस्थित सेक्शन और टाइटल टैग का सही इस्तेमाल क्रॉलर को आपका कंटेंट जल्दी समझने में मदद करते हैं। बिना स्ट्रक्चर वाला बिखरा पेज सर्च इंजन के लिए प्रोसेस करना मुश्किल होता है।
3. वेबसाइट की स्पीड और मोबाइल का अनुभव
तेज़ पेज और मोबाइल पर सहज अनुभव रैंकिंग फ़ैक्टर हैं। अगर आपकी वेबसाइट धीमी है या फ़ोन पर इस्तेमाल करना मुश्किल है, तो सर्च इंजन उसे नीचे रैंक करेंगे। यहीं रिस्पॉन्सिव डिज़ाइन और कैशिंग काम आते हैं।
4. पेजों के बीच लिंक
लिंक सर्च इंजन को नए पेज ढूँढने और यह समझने में मदद करते हैं कि आपका कंटेंट आपस में कैसे जुड़ा है। इंटरनल लिंक (आपकी साइट के एक पेज से दूसरे पर) सर्च इंजन को दिखाते हैं कि कौन से पेज आपस में जुड़े हैं। दूसरी वेबसाइट से आपकी तरफ़ आने वाले एक्सटर्नल लिंक संकेत देते हैं कि आपका कंटेंट भरोसेमंद है और सुझाने लायक है।
5. साफ़ URL और मेटा टैग
पेज का वर्णन करने वाला साफ़ URL विज़िटर और सर्च इंजन, दोनों को क्लिक करने से पहले समझाता है कि पेज किस बारे में है। मेटा टाइटल और डिस्क्रिप्शन वही हैं जो लोग सर्च रिज़ल्ट में देखते हैं। इन्हें अच्छे से लिखने पर किसी के आपकी साइट पर क्लिक करने की संभावना बढ़ती है।
ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक क्या है?
ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक वे विज़िटर हैं जो बिना आपके विज्ञापन पर पैसे ख़र्च किए, सर्च रिज़ल्ट से आपकी वेबसाइट ढूँढते हैं। जब कोई सवाल टाइप करता है, रिज़ल्ट में आपके पेज पर क्लिक करता है और आपकी साइट पर पहुँचता है, तो वह ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक है। यह मुफ़्त है, लगातार मिलता है, और आपका कंटेंट सुधरने और वेबसाइट की साख बनने के साथ बढ़ता है। ज़्यादातर ब्रांड के लिए ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक विज़िटर का सबसे क़ीमती ज़रिया बन जाता है, क्योंकि यह उन लोगों को लाता है जो सक्रिय रूप से वही खोज रहे हैं जो आप देते हैं।
SEO एक बार का सेटअप नहीं है। इसे आप समय के साथ सुधारते हैं, जैसे-जैसे आप कंटेंट जोड़ते हैं, लिंक बनाते हैं और पेज ऑप्टिमाइज़ करते हैं। आप जितनी जल्दी इसके बारे में सोचना शुरू करेंगे, आपकी वेबसाइट उतनी जल्दी उन लोगों को दिखने लगेगी जो ठीक वही खोज रहे हैं जो आप देते हैं। SEO की रणनीति को गहराई से जानने के लिए क्या आप जानते हैं SEO सिर्फ़ कीवर्ड से ज़्यादा है पढ़ें। अगर आप व्यावहारिक शुरुआत चाहते हैं, तो शुरुआत करने वालों के लिए SEO प्लान पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
SEO के नतीजे दिखने में कितना समय लगता है?
SEO में धैर्य रखें, क्योंकि यह लंबे समय की रणनीति है। ज़्यादातर वेबसाइट पर कॉम्पिटिशन, कंटेंट की क्वालिटी और साइट कितनी अच्छी तरह ऑप्टिमाइज़ है, इसके हिसाब से 3 से 6 महीने में ध्यान देने लायक नतीजे दिखने लगते हैं। कुछ पेज दूसरों से जल्दी रैंक होते हैं, अगर वे कम कॉम्पिटिशन वाले विषय को टारगेट करते हैं। असली बात है लगातार लगे रहना। अच्छा कंटेंट नियमित पब्लिश करना और साइट को स्वस्थ रखना समय के साथ गति बनाता है।
क्या मुझे SEO के लिए पैसे देने होंगे?
अच्छी बात यह है कि SEO ख़ुद मुफ़्त है। आप अपनी वेबसाइट को रैंक करवाने के लिए सर्च इंजन को पैसे नहीं देते। लेकिन कंटेंट बनाने, पेज ऑप्टिमाइज़ करने और लिंक बनाने के काम में समय और मेहनत लगती है। कुछ ब्रांड मदद के लिए SEO एक्सपर्ट या एजेंसी रखते हैं। बाकी बिल्ट-इन SEO टूल इस्तेमाल करके ख़ुद करते हैं। WEMASY के वेबसाइट बिल्डर में SEO टूल शामिल हैं, जिनसे आप हर पेज के लिए मेटा टाइटल, डिस्क्रिप्शन और URL सेट कर सकते हैं, अलग टूल या प्लगइन की ज़रूरत नहीं।
SEO और पेड विज्ञापन में क्या फ़र्क़ है?
दोनों बहुत अलग तरह से काम करते हैं। SEO ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक लाता है, यानी विज़िटर बिना पैसे वाले सर्च रिज़ल्ट से आपको ढूँढते हैं। पेड विज्ञापन फ़ीस लेकर आपकी वेबसाइट को सर्च रिज़ल्ट में सबसे ऊपर रखते हैं। पैसे देना बंद करने पर विज्ञापन ग़ायब हो जाते हैं। SEO के नतीजे तब तक टिकते हैं जब तक आपका कंटेंट प्रासंगिक रहता है और साइट ऑप्टिमाइज़ रहती है। ज़्यादातर ब्रांड दोनों साथ इस्तेमाल करते हैं, लेकिन SEO लंबे समय का वह फ़ायदा देता है जो विज्ञापन नहीं दे सकते।
क्या मैं बिना एक्सपर्ट रखे ख़ुद SEO कर सकता हूँ?
ज़्यादातर छोटे बिज़नेस मालिक SEO ख़ुद संभाल सकते हैं। SEO की बुनियादी बातें, जैसे साफ़ कंटेंट लिखना, हेडिंग सही इस्तेमाल करना, अच्छे मेटा टाइटल सेट करना और साइट को तेज़ रखना, कोई भी कर सकता है। आपको तकनीकी होने की ज़रूरत नहीं। ज़रूरत यह समझने की है कि आपकी ऑडियंस क्या खोज रही है, और ऐसा कंटेंट बनाने की इच्छा की जो उनके सवालों के जवाब दे। व्यावहारिक शुरुआत के लिए शुरुआत करने वालों के लिए SEO प्लान पढ़ें।
क्या मेरी वेबसाइट का स्ट्रक्चर SEO पर असर डालता है?
आपकी साइट का स्ट्रक्चर इस पर बड़ा असर डालता है कि सर्च इंजन आपका कंटेंट कितना अच्छा समझ पाते हैं। तर्कसंगत नेविगेशन, जुड़े हुए पेजों के बीच इंटरनल लिंक और साफ़ URL स्ट्रक्चर वाला साफ़ ढाँचा सर्च इंजन को आपकी साइट ज़्यादा असरदार तरीक़े से क्रॉल और इंडेक्स करने में मदद करता है। बिखरा, सपाट या कटा हुआ स्ट्रक्चर सर्च इंजन के लिए समझना मुश्किल बना देता है कि आपकी वेबसाइट किस बारे में है और कौन से पेज सबसे ज़रूरी हैं।
मुझे कैसे पता चले कि कौन से कीवर्ड टारगेट करने हैं?
शुरुआत की सबसे अच्छी जगह वे सवाल हैं जो आपके ग्राहक पहले से पूछते हैं। सोचें कि जो आप देते हैं उसे खोजते समय कोई सर्च इंजन में क्या टाइप करेगा। कीवर्ड रिसर्च टूल दिखाते हैं कि किसी ख़ास शब्द को कितने लोग खोजते हैं और उसमें कितना कॉम्पिटिशन है। ऐसे शब्द चुनें जो आपके कंटेंट से मेल खाते हों और जिनकी इतनी सर्च वॉल्यूम हो कि विज़िटर आएँ। कीवर्ड रणनीति को कैसे देखें, इस पर गहरी नज़र के लिए क्या आप जानते हैं SEO सिर्फ़ कीवर्ड से ज़्यादा है पढ़ें।