स्टाफ आपकी रुकावट नहीं है। आपके पास काफ़ी लोग हैं। दिक्कत यह है कि दूसरा ट्रीटमेंट रूम पूरे दिन बुक है, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड किसी दूसरे क्लिनिक में है और दोपहर के तीन अपॉइंटमेंट को वही एक संसाधन चाहिए।
यह संसाधन की समस्या है, लोगों की संख्या की नहीं। रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग वह तरीका है जिसमें आप अपेक्षित मांग को हर उस भौतिक और मानवीय साधन से मिलाते हैं जो बुकिंग पूरी करने के लिए चाहिए। यह बुनियादी कैपेसिटी प्लानिंग को लोगों से आगे कमरों, टेबल, गाड़ियों और उपकरणों तक ले जाती है। रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग कैसे काम करती है और आपके काम में कहां फ़िट होती है, यह नीचे है।
रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग क्या है?
रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग यह पक्का करने का तरीका है कि हर बुक होने लायक साधन उसे सौंपे गए अपॉइंटमेंट पूरे कर सके। रिसोर्स वह हर सीमित चीज़ है जिसके लिए बुकिंग आपस में होड़ करती हैं: मसाज रूम, कॉन्फ़्रेंस टेबल, डिलीवरी वैन, स्टाइलिंग चेयर या कोई खास मशीन।
आप गिनते हैं कि कितनी यूनिट हैं, हर बुकिंग उन्हें कितनी देर रोकती है और दो इस्तेमाल के बीच कितना टर्नओवर टाइम चाहिए। इस गणित से तय होता है कि किसी विंडो में आप ज़्यादा से ज़्यादा कितने अपॉइंटमेंट ले सकते हैं।
रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग अक्सर वर्कफ़ोर्स प्लानिंग के साथ चलती है। हो सकता है आपके पास चार स्टाफ सदस्य हों पर सिर्फ़ दो कमरे। कमरों की संख्या जीतती है। प्लान में यही कड़ी सीमा दिखनी चाहिए।
रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग क्यों मायने रखती है
जो बिज़नेस सिर्फ़ स्टाफ के घंटों की प्लानिंग करते हैं, वे लगातार ओवरबुकिंग करते हैं। ग्राहक आते हैं तो सही व्यक्ति खाली मिलता है, पर कमरा या उपकरण किसी और के पास होता है। आपकी टीम ने कितनी भी मेहनत की हो, अनुभव बेतरतीब लगता है।
रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग साधनों के इस्तेमाल को भी बेहतर करती है। जब आप हर रिसोर्स के मुकाबले बुकिंग ट्रैक करते हैं, तो खाली कमरे और कम इस्तेमाल होते उपकरण साफ़ दिखते हैं। फ़ैसिलिटी टीमें इस डेटा से जगह समेटती हैं या घंटे बदलती हैं।
साझा जगह वाले ऑफ़िस यही तर्क मीटिंग रूम बुकिंग से अपनाते हैं। कमरे की रिज़र्वेशन एक रिसोर्स होल्ड है। कैपेसिटी प्लानिंग पूछती है कि तय सारी मीटिंग के लिए काफ़ी कमरे हैं या नहीं।
रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग कैसे काम करती है
1. अपने रिसोर्स की सूची बनाएं
हर बुक होने लायक साधन को उसकी क्षमता, उपकरण के नोट और लोकेशन के साथ लिखें। जिन रिसोर्स को खास सेटअप या बुकिंग के बीच सफ़ाई का समय चाहिए, उन पर टैग लगाएं।
2. बुकिंग को रिसोर्स से जोड़ें
हर सर्विस टाइप को उन रिसोर्स से जोड़ें जो वह इस्तेमाल करती है। ग्रुप क्लास को एक इंस्ट्रक्टर और एक स्टूडियो चाहिए। दांतों की सफ़ाई को एक हाइजीनिस्ट और एक कुर्सी चाहिए।
3. यूटिलाइज़ेशन निकालें
रोज़ बुक किए घंटों को उस रिसोर्स के उपलब्ध घंटों से भाग दें। एक रिसोर्स पर ज़्यादा और दूसरे पर कम यूटिलाइज़ेशन बताता है कि आप सर्विस बेचने या शेड्यूल करने में कहीं गड़बड़ कर रहे हैं।
4. बुकिंग के नियम तय करें
हर रिसोर्स के हिसाब से ऑनलाइन उपलब्धता सीमित करें। एक ही कमरे की डबल बुकिंग रोकें। सफ़ाई के लिए कम से कम अंतर लागू करें। नियम आपके प्लान को ऐसी चीज़ बना देते हैं जिसे बुकिंग सिस्टम अपने आप लागू कर सके।
रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग बनाम वर्कफ़ोर्स कैपेसिटी प्लानिंग
वर्कफ़ोर्स कैपेसिटी प्लानिंग लोगों के घंटों और स्किल पर ध्यान देती है। रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग उन साधनों पर ध्यान देती है जिनकी उन लोगों को काम के लिए ज़रूरत है। ज़्यादातर बुकिंग बिज़नेस को दोनों नज़रिए चाहिए।
अगला चैप्टर वर्कफ़ोर्स कैपेसिटी प्लानिंग लोगों वाला पक्ष बताता है। दोनों तरीके मिलकर साफ़ तस्वीर देते हैं कि आपके सबसे व्यस्त दिन काम की रफ़्तार किस चीज़ से रुकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कैपेसिटी प्लानिंग में किसे रिसोर्स माना जाता है?
हर वह सीमित साधन जो बुकिंग इस्तेमाल करती है: कमरे, कुर्सियां, टेबल, गाड़ियां, उपकरण और कभी-कभी खास स्टाफ भूमिकाएं, जब ज़रूरी सर्टिफ़िकेशन सिर्फ़ एक व्यक्ति के पास हो।
रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग रूम बुकिंग से कैसे जुड़ती है?
रूम बुकिंग साझा जगहों पर लागू की गई रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग है। मीटिंग रूम बुकिंग सिस्टम वही एक कमरा, एक बुकिंग का नियम लागू करते हैं जिसे हाथ की रिसोर्स प्लानिंग निभाने की कोशिश करती है।
क्या दो अपॉइंटमेंट के बीच के टर्नओवर टाइम को इस्तेमाल हुई क्षमता गिनना चाहिए?
सफ़ाई, सेटअप और रीसेट का समय ज़रूर गिना जाता है। टर्नओवर को अनदेखा करना सबसे आम कारण है कि रिसोर्स प्लान कागज़ पर ठीक दिखते हैं पर ज़मीन पर फ़ेल हो जाते हैं।
क्या मैं अपने वेबसाइट बुकिंग फ़्लो से रिसोर्स कैपेसिटी संभाल सकता हूं?
ऑनलाइन बुकिंग को हर रिसोर्स की सीमा माननी चाहिए, ताकि ज़रूरी कमरा भरा होने पर ग्राहक वह सर्विस बुक न कर सकें। अपनी वेबसाइट बनाने के लिए वेबसाइट बिल्डर देख सकते हैं।
मुझे कैसे पता चले कि असली रुकावट कौन सा रिसोर्स है?
दो हफ़्ते तक हर रिसोर्स का यूटिलाइज़ेशन ट्रैक करें। व्यस्त घंटों में जो साधन सौ प्रतिशत के सबसे करीब हो, वही आपकी रुकावट है। कहीं और स्टाफ बढ़ाने से पहले उस रिसोर्स को बढ़ाएं या मांग को दूसरे समय पर ले जाएं।
क्या रिसोर्स कैपेसिटी प्लानिंग रेस्टोरेंट पर भी लागू होती है?
टेबल और सेक्शन रिसोर्स हैं। टेबल स्तर की कैपेसिटी प्लानिंग के साथ रिज़र्वेशन मैनेजमेंट उन ग्रुप को स्वीकार करने से रोकता है जिन्हें आप ठीक इंतज़ार में नहीं बैठा सकते।