कई विज़िटर किसी पेज को करीब सात सेकंड देते हैं, फिर तय करते हैं कि रुकना है या जाना है। इस दौरान वेबसाइट यूज़ेबिलिटी आपकी सेल्स कॉपी से ज़्यादा काम करता है। विज़ुअल साफ़-सुथरापन वे अतिरिक्त सेकंड दिलाता है जिनमें आप अपना ऑफ़र समझा सकें।
वेबसाइट यूज़ेबिलिटी का मतलब है कि विज़िटर बिना परेशानी के जानकारी ढूंढ सकें और अपना काम पूरा कर सकें। यह चैप्टर आसान भाषा में समझाता है कि इसका मतलब क्या है, यह आपकी वेबसाइट और मार्केटिंग पर क्यों असर डालता है, और भारी शब्दों में उलझे बिना इसे कैसे अपनाएं। आप यह भी देखेंगे कि यूज़ेबिलिटी टेस्टिंग इसी तस्वीर में कैसे फ़िट होता है। चलिए, इसे कदम दर कदम समझते हैं।
अच्छे वेबसाइट यूज़ेबिलिटी की पहचान
वेबसाइट यूज़ेबिलिटी का मतलब है कि विज़िटर बिना परेशानी के जानकारी ढूंढ सकें और अपना काम पूरा कर सकें।
जाने-पहचाने लेआउट और सादी भाषा यूज़ेबिलिटी बढ़ाते हैं।
UI डिज़ाइन के सिद्धांत जैसी चीज़ें, जैसे सिस्टम की स्थिति साफ़ दिखना, यूज़ेबिलिटी स्कोर बेहतर करती हैं।
सबसे पहले क्या ठीक करें
देखें कि पहली बार आने वाला विज़िटर तीस सेकंड में आपसे संपर्क कर पाता है या नहीं।
अपने पेज का मोबाइल और डेस्कटॉप पर स्क्रीनशॉट लें, फिर वे पहले तीन एलिमेंट चिह्नित करें जो आपको उलझाते हैं या धीमा करते हैं।
सुधार करते समय वेबसाइट डिज़ाइन टेस्टिंग को चेकलिस्ट की तरह इस्तेमाल करें।
आज ही इस्तेमाल करने लायक प्रैक्टिकल चेकलिस्ट
देखें कि पहली बार आने वाला विज़िटर तीस सेकंड में आपसे संपर्क कर पाता है या नहीं।
कोई भी पेज जाँचते समय देखें कि मोबाइल पर पहले स्क्रॉल में ही वेबसाइट यूज़ेबिलिटी नज़र आता है या नहीं। अगर नहीं, तो बारीकियाँ सँवारने से पहले सेक्शन का क्रम बदलें।
बदलाव से पहले और बाद के स्क्रीनशॉट सेव करें, ताकि पता चले कि आपकी साइट पर वेबसाइट यूज़ेबिलिटी में किस चीज़ से फ़र्क़ पड़ा।
यह चेकलिस्ट उन सबके साथ शेयर करें जो आपकी साइट अपडेट करते हैं, ताकि नए पेजों पर यूज़ेबिलिटी टेस्टिंग एक जैसा रहे।
इस महीने देखने के लिए एक मेट्रिक चुनें, जैसे पेज पर बिताया समय या फ़ॉर्म शुरू करने वाले लोग, ताकि डिज़ाइन के बदलाव सिर्फ़ पसंद से नहीं, बिज़नेस नतीजों से जुड़ें।
यह विषय आपके पूरे ब्रांड से कैसे जुड़ता है
विज़ुअल फ़ैसले शायद ही कभी सिर्फ़ एक पेज तक सीमित रहते हैं। UI डिज़ाइन के सिद्धांत जैसी चीज़ें, जैसे सिस्टम की स्थिति साफ़ दिखना, यूज़ेबिलिटी स्कोर बेहतर करती हैं।
आपकी सोशल पोस्ट, ईमेल और प्रिंट मटीरियल में वही हायरार्की, रंग और टाइपोग्राफ़ी के नियम दिखने चाहिए जो आप वेब पर इस्तेमाल करते हैं।
जब ब्रांड के विज़ुअल इधर-उधर हो जाते हैं, तो ग्राहक हल्का-सा बेमेल महसूस करते हैं, भले ही वे समझा न पाएं।
इस मॉड्यूल के एक जुड़े हुए चैप्टर से बातें मिलाने के लिए UX डिज़ाइन क्या है देखें।
जाने-पहचाने लेआउट और सादी भाषा यूज़ेबिलिटी बढ़ाते हैं।
वे सवाल जिन्हें लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं
यूज़ेबिलिटी टेस्टिंग और UI डिज़ाइन के सिद्धांत जैसे दूसरे शब्द गहरे उदाहरण खोजने और अपने काम को आम मानकों से मिलाने में मदद करते हैं।
UI डिज़ाइन के सिद्धांत जैसी चीज़ें, जैसे सिस्टम की स्थिति साफ़ दिखना, यूज़ेबिलिटी स्कोर बेहतर करती हैं।
इस हफ़्ते किसी लाइव पेज पर आप जो एक बदलाव टेस्ट करेंगे, उसका पहले और बाद का हाल लिख लें। नापे-तौले छोटे बदलाव धुंधली योजनाओं से बेहतर हैं।
अपनी टीम को वेबसाइट यूज़ेबिलिटी के आसपास एक साझा भाषा सिखाने से डिज़ाइनर और एजेंसी के साथ बार-बार सुधार कराने की नौबत कम हो जाती है।
विज़ुअल अपडेट को आसान बनाने वाले टूल
लेआउट और स्टाइल की कई दिक्कतें ठीक करने के लिए आपको कस्टम कोड की ज़रूरत नहीं है। विज़ुअल एडिटर में आप स्पेसिंग, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं और साथ ही मोबाइल और डेस्कटॉप व्यू का प्रीव्यू देख सकते हैं।
WEMASY में विज़ुअल एडिटिंग वाला वेबसाइट बिल्डर है, ताकि हर छोटे बदलाव के लिए डेवलपर का इंतज़ार किए बिना आप बदलाव पब्लिश कर सकें। जो सीखा है उसे लागू करने के लिए तैयार हों, तो वेबसाइट बिल्डर खोलें।
अपडेट पब्लिश करने पर डिज़ाइन की एकरूपता और वेबसाइट डिज़ाइन टेस्टिंग दोबारा देखें, ताकि पूरा मॉड्यूल आपके दिमाग में जुड़ा रहे।
अब आपके पास वेबसाइट यूज़ेबिलिटी को देखने का एक काम का नज़रिया है। अपनी साइट जाँचते समय, मार्केटिंग मटीरियल मंज़ूर करते समय या डिज़ाइनर को ब्रीफ़ करते समय इसका इस्तेमाल करें। इस मॉड्यूल में रफ़्तार बनाए रखने के लिए वेबसाइट डिज़ाइन टेस्टिंग और UX डिज़ाइन क्या है पढ़ना जारी रखें।
वेबसाइट यूज़ेबिलिटी सीखना धीरे-धीरे आने वाली स्किल है। एक सुधार लाइव करने के बाद इस चैप्टर को दोबारा पढ़ें, ताकि बातें पढ़ने से आदत में बदल जाएं। एक साथ हर नियम रटने से छोटी-छोटी बार-बार की समीक्षा बेहतर है। अपने ऑडियंस पर जो चला, उसके नोट रखें, ताकि अगला अपडेट तेज़ हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वेबसाइट यूज़ेबिलिटी को बेहतर करने में कितना समय लगता है?
इस चैप्टर की बुनियादी बातें अपनाने के बाद ज़्यादातर छोटे बिज़नेस को कुछ ध्यान लगाकर किए गए सेशन में ही पेज ज़्यादा साफ़ दिखने लगते हैं। अपने होमपेज से शुरू करें, फिर वही नियम सर्विस और कॉन्टैक्ट पेज पर लगाएं।
क्या वेबसाइट यूज़ेबिलिटी पर काम करने के लिए आपको डिज़ाइनर चाहिए?
जटिल रीब्रांडिंग में डिज़ाइनर मदद करता है, लेकिन वेबसाइट यूज़ेबिलिटी से जुड़े कई सुधार आप खुद कर सकते हैं, बस पता होना चाहिए कि क्या देखना है। इससे जुड़ी जानकारी के लिए इस चैप्टर के साथ डिज़ाइन की एकरूपता भी पढ़ें।
क्या WEMASY आपकी वेबसाइट पर वेबसाइट यूज़ेबिलिटी लागू करने में मदद कर सकता है?
WEMASY के वेबसाइट बिल्डर में विज़ुअल एडिटर है, जिससे आप बिना कोड के लेआउट, रंग और टाइपोग्राफ़ी बदल सकते हैं। टेम्पलेट अपडेट करने और बदलावों का मोबाइल पर प्रीव्यू देखने के लिए वेबसाइट बिल्डर खोलें।
वेबसाइट यूज़ेबिलिटी में सबसे आम गलती क्या है?
लोग एक बार में एक पेज ठीक करने की जगह सब कुछ एक साथ ठीक करने की कोशिश करते हैं। एक ही प्राथमिकता चुनें, जैसे पढ़ने की आसानी या कंट्रास्ट, फिर अगले सुधार के लिए वेबसाइट डिज़ाइन टेस्टिंग देखें।
वेबसाइट यूज़ेबिलिटी का SEO से क्या संबंध है?
साफ़ विज़ुअल हायरार्की और पढ़ने लायक फ़ॉन्ट विज़िटर को पेज पर ज़्यादा देर रोकते हैं, जिससे वे एंगेजमेंट संकेत मज़बूत होते हैं जिन्हें सर्च इंजन देखते हैं। सबसे अच्छे नतीजों के लिए डिज़ाइन के सुधारों के साथ कंटेंट का मज़बूत स्ट्रक्चर भी रखें।
वेबसाइट यूज़ेबिलिटी के बाद आगे क्या सीखना चाहिए?
इस किताब में डिज़ाइन की एकरूपता और वेबसाइट डिज़ाइन टेस्टिंग से आगे बढ़ें, ताकि आप अपने ब्रांड के लिए ऑनलाइन एक पूरा विज़ुअल सिस्टम बना सकें।