ब्राउज़र आपकी विज़िट की वेबसाइट का छोटा-छोटा डेटा स्टोर करते हैं। ब्राउज़र स्टोरेज के अलग-अलग प्रकार जानें और समझें कि ये हर विज़िट में आपका अनुभव कैसे सहज रखते हैं।
क्या कभी आप किसी वेबसाइट पर पहुँचे और वह ठीक वहीं मिली जहाँ आपने उसे छोड़ा था? आपकी सेटिंग वहीं हैं, पेज जाना-पहचाना लगता है और कुछ भी रीसेट नहीं हुआ। शायद आपको अच्छा लगा हो कि वेबसाइट ने आपको याद रखा। यही ब्राउज़र स्टोरेज का काम है।
आपका ब्राउज़र आपकी विज़िट की वेबसाइट की छोटी-छोटी जानकारी सेव करता है, ताकि अनुभव सहज और एक जैसा रहे। ब्राउज़र स्टोरेज के प्रकार समझने से पता चलता है कि आधुनिक वेबसाइट सिर्फ़ पेज और लिंक से आगे कैसे काम करती हैं। आइए अलग-अलग प्रकार देखते हैं।
ब्राउज़र स्टोरेज क्या है?
ब्राउज़र स्टोरेज वेबसाइट के लिए जानकारी के छोटे हिस्से सीधे यूज़र के ब्राउज़र में सेव करने का तरीक़ा है। यह सेव की गई जानकारी वेबसाइट को कुछ बातें याद रखने में मदद करती है, ताकि यूज़र के घूमने या बाद में लौटने पर वेबसाइट एक जैसा बर्ताव करे।
हर बार सब कुछ दोबारा सर्वर से मँगाने पर निर्भर रहने की जगह, ब्राउज़र ख़ास डेटा लोकल रूप से स्टोर करते हैं। इससे वेबसाइट तेज़, ज़्यादा रिस्पॉन्सिव और इस्तेमाल में आसान बनती हैं। यूज़र को आम तौर पर यह दिखता नहीं, लेकिन वेबसाइट के कई आम बर्ताव इसी पर निर्भर हैं।
ब्राउज़र स्टोरेज के बिना वेबसाइट दोहराव वाली और कम कुशल लगेंगी, और उम्मीद से ज़्यादा बार रीसेट होंगी। ब्राउज़र स्टोरेज समझने से आप देख पाते हैं कि ब्राउज़र सिर्फ़ पेज दिखाने के बजाय वेबसाइट का सक्रिय रूप से साथ भी देते हैं।
ब्राउज़र स्टोरेज के प्रकार
कुकीज़
कुकीज़ ब्राउज़र में स्टोर होने वाला छोटा डेटा हैं जो वेबसाइट सर्वर के साथ शेयर होता है। इनसे आम तौर पर वह जानकारी स्टोर की जाती है जिसे वेबसाइट के इंटरैक्शन के दौरान सर्वर को वापस भेजना होता है। कुकीज़ का इस्तेमाल अक्सर सेशन मैनेज करने, बुनियादी पसंद याद रखने और लॉगिन से जुड़ी सुविधाओं के लिए होता है। इन्हें कुछ समय बाद एक्सपायर होने के लिए सेट किया जा सकता है, या ज़्यादा समय तक स्टोर रखा जा सकता है। कुकीज़ सर्वर के संवाद में शामिल होती हैं, इसलिए इनका साइज़ सीमित होता है और इन्हें सावधानी से इस्तेमाल किया जाता है।
लोकल स्टोरेज
localStorage क्या है? यह वेबसाइट के लिए ग़ैर-संवेदनशील जानकारी को बिना एक्सपायरी समय के सीधे ब्राउज़र में स्टोर करने का आसान और तेज़ तरीक़ा है। लोकल स्टोरेज में रखा डेटा ब्राउज़र बंद करके दोबारा खोलने के बाद भी सेव रहता है। इस तरह का स्टोरेज आम तौर पर पसंद, सेटिंग या ऐसी जानकारी सेव करने के लिए होता है जो विज़िट के बाद भी बनी रहनी चाहिए। लोकल स्टोरेज का डेटा सिर्फ़ उसी वेबसाइट को दिखता है जिसने उसे बनाया।
सेशन स्टोरेज
सेशन स्टोरेज वेबसाइट को अस्थायी स्थिति संभालने में मदद करता है, डेटा को ज़रूरत से ज़्यादा देर रखे बिना। यह लोकल स्टोरेज जैसा ही है, लेकिन अस्थायी। यहाँ रखा डेटा तभी तक रहता है जब तक ब्राउज़र का टैब खुला है। टैब या ब्राउज़र बंद होते ही स्टोर किया डेटा अपने आप हट जाता है। इसलिए सेशन स्टोरेज उस जानकारी के काम आता है जो सिर्फ़ एक विज़िट तक रहनी चाहिए। localStorage और sessionStorage की तुलना में मुख्य फ़र्क़ टिके रहने का है: लोकल स्टोरेज तब तक रहता है जब तक आप उसे डिलीट न करें, सेशन स्टोरेज टैब बंद होते ही ग़ायब हो जाता है।
IndexedDB
IndexedDB बुनियादी स्टोरेज विकल्पों से ज़्यादा लचीलापन देता है। यह ब्राउज़र स्टोरेज का ज़्यादा एडवांस्ड रूप है, जो बड़े और ज़्यादा संरचित डेटा के लिए बना है। इस स्टोरेज से वेबसाइट जटिल जानकारी सीधे ब्राउज़र में रख सकती हैं। इस तरह का स्टोरेज अक्सर उन ऐप्लिकेशन में इस्तेमाल होता है जिन्हें ऑफ़लाइन एक्सेस चाहिए या जो बहुत सारा डेटा संभालते हैं। शुरुआत करने वालों को इसे तुरंत इस्तेमाल करने की ज़रूरत नहीं, लेकिन इसका मक़सद समझने से यह समझ आता है कि एडवांस्ड वेब ऐप्लिकेशन कैसे काम करते हैं।
कैश स्टोरेज
कैश स्टोरेज उन आधुनिक वेबसाइट के लिए ज़रूरी है जो परफ़ॉर्मेंस पर ध्यान देती हैं। इसमें इमेज, स्टाइलशीट और स्क्रिप्ट जैसी वेबसाइट की फ़ाइलें स्टोर होती हैं। इससे ब्राउज़र फ़ाइलें दोबारा डाउनलोड करने की जगह उन्हें फिर इस्तेमाल कर सकते हैं। कैश स्टोरेज से वेबसाइट लोड होने की स्पीड बढ़ती है और बार-बार की नेटवर्क रिक्वेस्ट घटती हैं। वेबसाइट की परफ़ॉर्मेंस और यूज़र के अनुभव में इसकी बड़ी भूमिका है।
ब्राउज़र स्टोरेज और कैशिंग साथ मिलकर वेबसाइट को तेज़ और ज़्यादा रिस्पॉन्सिव बनाते हैं। कैशिंग पेज लोड तेज़ करने के लिए फ़ाइलों को सर्वर की तरफ़ या ब्राउज़र में रखती है, जबकि ब्राउज़र स्टोरेज छोटा डेटा रखता है जो वेबसाइट को आपकी पसंद और क्रियाएँ याद रखने में मदद करता है। दोनों साथ मिलकर ही आधुनिक वेबसाइट को सहज और अपनी-सी बनाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कोई वेबसाइट दूसरी वेबसाइट का ब्राउज़र स्टोरेज एक्सेस कर सकती है?
नहीं। ब्राउज़र स्टोरेज हर वेबसाइट के लिए अलग रहता है। एक वेबसाइट का स्टोर किया डेटा दूसरी वेबसाइट पढ़ या बदल नहीं सकती। यह हर ब्राउज़र में बनी सुरक्षा सुविधा है। इसका मतलब है कि एक साइट पर आपकी पसंद निजी रहती है और आपकी विज़िट की किसी दूसरी साइट को नहीं मिल सकती।
क्या ब्राउज़र स्टोरेज सुरक्षित है?
पसंद, थीम और डिस्प्ले सेटिंग जैसे ग़ैर-संवेदनशील डेटा के लिए ब्राउज़र स्टोरेज काफ़ी हद तक सुरक्षित है। लेकिन आपको पासवर्ड, पेमेंट की जानकारी या निजी जानकारी कभी ब्राउज़र स्टोरेज में नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि पेज पर चल रही स्क्रिप्ट उसे एक्सेस कर सकती हैं। संवेदनशील डेटा हमेशा सर्वर की तरफ़, सही SSL एन्क्रिप्शन के पीछे संभालना चाहिए।
ब्राउज़र क्लियर करने पर स्टोर किए गए डेटा का क्या होता है?
जब आप अपना ब्राउज़र डेटा क्लियर करते हैं, तो सारा लोकल स्टोरेज, सेशन स्टोरेज, कुकीज़ और कैश की गई फ़ाइलें डिलीट हो जाती हैं। इसका मतलब है कि वेबसाइट की सेव की गई सारी पसंद, लॉगिन स्थिति और स्टोर किया कंटेंट चला जाएगा। अगली बार उन साइट पर जाने पर वे आपको नया विज़िटर मानेंगी। इसीलिए ब्राउज़र क्लियर करने के बाद कुछ साइट दोबारा लॉग इन करने को कहती हैं।
लोकल स्टोरेज कितना डेटा रख सकता है?
ज़्यादातर ब्राउज़र हर वेबसाइट के लिए लगभग 5 से 10 मेगाबाइट लोकल स्टोरेज देते हैं। पसंद, सेटिंग और छोटे डेटा के लिए यह काफ़ी है, लेकिन इमेज या वीडियो जैसी बड़ी फ़ाइलों के लिए नहीं। बड़े डेटा की ज़रूरत हो तो IndexedDB या कैश स्टोरेज बेहतर विकल्प हैं। ज़्यादातर ब्रांड वेबसाइट के लिए 5 MB लोकल स्टोरेज ज़रूरत से ज़्यादा है।
क्या ब्राउज़र स्टोरेज से यूज़र को ट्रैक किया जा सकता है?
तकनीकी रूप से हाँ। वेबसाइट लौटने वाले विज़िटर को पहचानने के लिए लोकल स्टोरेज या कुकीज़ में यूनीक आइडेंटिफ़ायर रख सकती हैं। यह एनालिटिक्स और पर्सनलाइज़ेशन के लिए आम है। प्राइवेसी नियम माँग करते हैं कि इस डेटा के इस्तेमाल के बारे में पारदर्शिता रखी जाए, इसीलिए कंसेंट बैनर होते हैं। नियम समझने के लिए कुकी कंसेंट और GDPR के बारे में और पढ़ें।
क्या सभी ब्राउज़र एक जैसे स्टोरेज प्रकार सपोर्ट करते हैं?
सभी आधुनिक ब्राउज़र कुकीज़, लोकल स्टोरेज, सेशन स्टोरेज, IndexedDB और कैश स्टोरेज सपोर्ट करते हैं। पुराने ब्राउज़र में इनमें से कुछ का सपोर्ट सीमित हो सकता है, लेकिन आज वे वेब ट्रैफ़िक का बहुत छोटा हिस्सा हैं। अगर आप अपनी साइट WEMASY के वेबसाइट बिल्डर जैसे आधुनिक सिस्टम पर बना रहे हैं, तो ब्राउज़र कंपैटिबिलिटी आपके लिए संभाली जाती है और आपके विज़िटर कोई भी ब्राउज़र इस्तेमाल करें, उन्हें एक जैसा अनुभव मिलता है।