अपनी वेबसाइट को लोकलाइज़ कैसे करें

वेबसाइट को लोकलाइज़ करना सीखने से विदेशी विज़िटर ग्राहक बनते हैं। इस चैप्टर में बताया गया है कि हर मार्केट में अपनी सी लगने वाली मल्टीलिंगुअल वेबसाइट बनाने के व्यावहारिक कदम क्या हैं।

ड्राफ़्ट

आपने अपना पहला टारगेट देश चुन लिया है। ट्रैफ़िक बढ़ रहा है। सपोर्ट के ईमेल ऐसी भाषा में आ रहे हैं जो आपकी टीम मुश्किल से पढ़ पाती है। आप जानते हैं कि सिर्फ़ अनुवाद से चेकआउट की उलझन या प्राइसिंग पेज पर गलत करेंसी ठीक नहीं होगी। आपको एक योजना चाहिए।

वेबसाइट लोकलाइज़ेशन सर्विस भारी काम संभाल सकती हैं, लेकिन प्रक्रिया समझने से आप क्वालिटी परख सकते हैं और खर्च की प्राथमिकता तय कर सकते हैं। यहां कदम-दर-कदम बताया गया है कि वेबसाइट को कैसे लोकलाइज़ करें, चाहे आप किसी पार्टनर के साथ काम करें या शुरुआती मार्केट खुद संभालें।

कदम 1: अपना टारगेट मार्केट और दायरा चुनें

एक लोकेल से शुरू करें। तय करें कि कौन से पेज सबसे ज़रूरी हैं: होमपेज, प्रोडक्ट पेज, प्राइसिंग, चेकआउट और संपर्क। पहले ही दिन अपने पूरे ब्लॉग आर्काइव का अनुवाद करने की तुलना में सीमित दायरा जल्दी पूरा होता है।

लोकेल की जानकारी लिखकर रखें: भाषा का प्रकार, करेंसी, तारीख़ का फ़ॉर्मैट, नापने की इकाइयां और कानूनी ज़रूरतें। स्पेन की स्पैनिश मेक्सिको की स्पैनिश से अलग है। ज़रूरत पड़ने पर इन्हें अलग-अलग दायरा मानें।

कदम 2: कंटेंट का अनुवाद करें और उसे ढालें

मुख्य कॉपी का अनुवाद इंसानी समीक्षा के साथ करें। उदाहरण, ग्राहकों की राय और तस्वीरों को लोकल संदर्भ में ढालें। जो मुहावरे दूसरी भाषा में नहीं चलते, उन्हें बदलें। कॉल टू एक्शन ऐसे अपडेट करें कि वे लोकल ग्राहकों की खरीदने की आदत से मेल खाएं।

ब्रांड के शब्दों, प्रोडक्ट के नामों और जिनका अनुवाद नहीं करना है उन शब्दों की एक शब्दावली बनाएं, ताकि आपकी मल्टीलिंगुअल वेबसाइट के आगे के पेज भी एक जैसे रहें।

कदम 3: तकनीकी और UX के हिस्से ठीक करें

करेंसी का दिखना, पेमेंट के तरीके और फ़ॉर्म के फ़ील्ड लोकेल के हिसाब से सेट करें। फ़ोन नंबर और पते के फ़ॉर्मैट सही तरह वैलिडेट होने चाहिए। टेम्पलेट में तारीख़ और संख्या का फ़ॉर्मैट ऐसे सेट करें कि वह हर इलाके के हिसाब से अपने आप दिखे।

भाषा वाले वर्शन के लिए URL का ढांचा पहले से तय करें। साफ़ रास्ते विज़िटर और सर्च इंजन दोनों को सही कंटेंट तक पहुंचने में मदद करते हैं।

कदम 4: लोकल यूज़र के साथ टेस्ट करें

मूल भाषा बोलने वालों से मुख्य काम पूरे करने को कहें: कीमत ढूंढना, फ़ॉर्म भेजना और खरीदना या बुक करना। जहां उलझन हो उसे नोट करें। लोकलाइज़ किए हुए पेजों पर पेड ट्रैफ़िक भेजने से पहले इन्हें ठीक करें।

मल्टीलिंगुअल वेबसाइट पर किसे प्राथमिकता दें

आपको सब कुछ एक साथ लोकलाइज़ करने की ज़रूरत नहीं है। पहले उन पेजों पर ध्यान दें जो सबसे ज़्यादा ट्रैफ़िक और कन्वर्ज़न लाते हैं। आपका होमपेज, प्रोडक्ट या सर्विस के पेज, प्राइसिंग पेज और चेकआउट फ़्लो पहले आने चाहिए। नई भाषा में आपका मुख्य अनुभव पूरा लगने लगे, उसके बाद ब्लॉग पोस्ट और दूसरे पेज आ सकते हैं।

सभी भाषा वाले वर्शन में अपनी ब्रांड की आवाज़ एक जैसी रखें। संस्कृति के हिसाब से टोन थोड़ी बदल सकती है, पर आपकी मूल पहचान पहचानने लायक रहनी चाहिए, चाहे कोई आपकी साइट अंग्रेज़ी में पढ़े या किसी और भाषा में।

वेबसाइट लोकलाइज़ेशन सर्विस कब इस्तेमाल करें

कई ब्रांड शुरुआती लोकलाइज़ेशन खुद संभालते हैं, खासकर जब एक या दो अतिरिक्त भाषाएं टारगेट कर रहे हों। जब आप और मार्केट में बढ़ते हैं, तो वेबसाइट लोकलाइज़ेशन सर्विस प्रोफ़ेशनल अनुवाद, सांस्कृतिक समीक्षा और कंटेंट के लगातार अपडेट में मदद कर सकती हैं। आप खुद लोकलाइज़ करें या मदद लें, अच्छी तरह बनी वेबसाइट जिसे अपडेट करना आसान हो, आगे का हर लोकलाइज़ेशन तेज़ कर देती है।

इस काम को इंटरनेशनल SEO के साथ जोड़ें, ताकि लोकलाइज़ किए हुए पेज सही देशों में रैंक करें। दायरा दोबारा समझना हो तो वेबसाइट लोकलाइज़ेशन क्या है देखें। पूरी तैयारी की गाइड के लिए अपनी वेबसाइट को ग्लोबल जाने के लिए तैयार कैसे करें पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मुझे वेबसाइट लोकलाइज़ेशन सर्विस लेनी चाहिए या खुद करना चाहिए?

अगर आपके पास मूल भाषा बोलने वाले रिव्यूअर और छोटा पेज सेट है, तो एक भाषा के लिए खुद करना चल जाता है। जब आप कई लोकेल तक बढ़ते हैं, कानूनी समीक्षा चाहिए या बड़ी साइटों पर लगातार अपडेट संभालने हों, तब सर्विस मदद करती हैं।

वेबसाइट लोकलाइज़ेशन में कितना समय लगता है?

दस से बीस मुख्य पेजों वाले एक केंद्रित पहले लोकेल में समीक्षा समेत कुछ हफ़्ते लग सकते हैं। कई भाषाओं में पूरी साइट का लोकलाइज़ेशन महीनों ले सकता है। काम को रेवेन्यू पर असर के हिसाब से चरणों में बांटें।

सबसे पहले कौन से पेज लोकलाइज़ करने चाहिए?

होमपेज, प्राइसिंग, प्रोडक्ट या सर्विस के पेज, चेकआउट और संपर्क। यही भरोसा और कन्वर्ज़न लाते हैं। मुख्य फ़्लो ठीक काम करने लगें, उसके बाद ब्लॉग पोस्ट और हेल्प आर्टिकल आ सकते हैं।

मल्टीलिंगुअल वेबसाइट को समय के साथ कैसे बनाए रखूं?

ट्रैक करें कि मूल पेजों में क्या बदला और अपडेट को अनुवादित वर्शन में सिंक करें। लोकलाइज़ेशन की शब्दावली और बदलावों का लॉग भटकाव रोकते हैं। समीक्षा के लिए हर लोकेल का एक ज़िम्मेदार तय करें।

लोकलाइज़ किए हुए साइट पेज कहां पब्लिश करूं?

अपने ही डोमेन पर, भाषा या देश के साफ़ रास्तों के साथ। WEMASY के वेबसाइट बिल्डर से आप लोकलाइज़ किए हुए पेज बना सकते हैं, ताकि विज़िटर को अपनी भाषा में एक जुड़ा हुआ ब्रांड दिखे।

क्या हर देश के लिए अलग डिज़ाइन चाहिए?

आमतौर पर एक ही डिज़ाइन सिस्टम काफ़ी होता है। लेआउट दोबारा बनाने की जगह तस्वीरें, उदाहरण और कॉपी बदलें। रीडिज़ाइन तभी करें जब लोकल UX रिसर्च दिखाए कि नेविगेशन या भरोसे के पैटर्न काफ़ी अलग हैं। शब्दों से आगे किन हिस्सों को पूरी तरह ढालना है, यह समझने के लिए लोकलाइज़ेशन बनाम ट्रांसलेशन देखें।

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