नया एजेंट, पहला हफ़्ता। सातवां टिकट रिटर्न की समय-सीमा के बाद आई रिफ़ंड रिक्वेस्ट है। एजेंट साझा ड्राइव खोलता है। तीन दस्तावेज़, एक भी अपडेटेड नहीं। किसी सीनियर एजेंट को पिंग करना पड़ता है। जो सवाल दस सेकंड का होना चाहिए, उस पर दस मिनट चले गए।
यही रगड़ कस्टमर सपोर्ट प्लेबुक मिटाती है। कस्टमर सपोर्ट प्लेबुक एक जीवित दस्तावेज़ है जो आपकी टीम को आम सपोर्ट स्थितियां एकरूपता से संभालने के लिए ज़रूरी स्क्रिप्ट, वर्कफ़्लो और उदाहरण देता है। यह आपकी पॉलिसी को रोज़ के अभ्यास में बदलता है। अच्छा सपोर्ट टीम प्लेबुक समय बचाता है, ग़लतियां घटाता है और नए कर्मचारियों को जल्दी काम का बनाता है। ऐसा कस्टमर सर्विस प्लेबुक टेम्पलेट कैसे बनाएं जिसे आपकी टीम सच में खोले, यह नीचे देखिए।
सपोर्ट प्लेबुक क्या है?
सपोर्ट प्लेबुक एक अंदरूनी गाइड है जो एजेंट को दिखाती है कि ख़ास सपोर्ट स्थितियां कदम-दर-कदम कैसे संभालें। यह पॉलिसी के नियमों से आगे जाती है, क्योंकि इसमें जवाब के टेम्पलेट, ट्रबलशूटिंग फ़्लो, एस्केलेशन ट्रिगर और अच्छी तरह संभाले गए टिकट के उदाहरण होते हैं।
अपनी कस्टमर सर्विस पॉलिसी को क़ानून समझिए। प्लेबुक वह मैनुअल है जो एजेंट को दिखाता है कि उस क़ानून को असली बातचीत में कैसे लागू करें।
आपकी टीम को इसकी ज़रूरत क्यों है?
प्लेबुक के बिना हर एजेंट अपना अलग तरीक़ा बना लेता है। एक तीन पैराग्राफ़ के जवाब लिखता है। दूसरा एक लाइन के जवाब भेजता है। ग्राहकों को अलग अनुभव मिलता है, इस पर निर्भर कि टिकट कौन उठाता है।
प्लेबुक ट्रेनिंग का समय भी घटाती हैं। जो नया कर्मचारी रिफ़ंड, शिपिंग में देरी और अकाउंट की समस्याओं के लिखित हालात पढ़ लेता है, वह हफ़्तों की जगह कुछ ही दिनों में लाइव टिकट भरोसे से संभालने लगता है।
आपकी प्लेबुक में क्या-क्या होना चाहिए
1. लहजे और आवाज़ के दिशानिर्देश
तय करें कि सपोर्ट संदेशों में आपका ब्रांड कैसा सुनाई देता है। दोस्ताना और अनौपचारिक? प्रोफ़ेशनल और संक्षिप्त? दो-तीन उदाहरण जवाब रखें जो सही लहजा दिखाएं।
2. स्थिति के गाइड
हर आम टिकट प्रकार के लिए कदम-दर-कदम गाइड लिखें। रिफ़ंड रिक्वेस्ट, शिपिंग में देरी, ख़राब प्रोडक्ट और अकाउंट एक्सेस की समस्याएं आमतौर पर पहले आती हैं। हर गाइड में पॉलिसी, कदम और एस्केलेट करने का समय लिखा होना चाहिए।
3. जवाब के टेम्पलेट
ऐसे शुरुआती टेम्पलेट दें जिन्हें एजेंट अपने हिसाब से ढाल सकें। टेम्पलेट जवाब तेज़ करते हैं और भाषा एक जैसी रखते हैं। वे इंसानी लगने चाहिए, रोबोट जैसे नहीं।
4. एस्केलेशन और वर्कफ़्लो के संदर्भ
अपने एस्केलेशन नियमों और वर्कफ़्लो चरणों का लिंक दें, ताकि एजेंट जानें कि टिकट कब ऊपर भेजना है। हमारे चैप्टर एस्केलेशन प्रोसेस और सपोर्ट वर्कफ़्लो यहां संदर्भ के लिए ढांचा देते हैं।
5. प्रोडक्ट और ट्रबलशूटिंग के नोट
वह तकनीकी जानकारी रखें जो एजेंट को दूसरे सिस्टम में खोजे बिना चाहिए। आम एरर संदेश, सेटअप के कदम और ज्ञात समस्याएं प्लेबुक में आनी चाहिए।
6. क्वालिटी के उदाहरण
असली या नाम हटाए हुए टिकट जोड़ें जो उत्कृष्ट तरीक़े से संभालने का नमूना दिखाएं। एजेंट अकेले अमूर्त नियमों से ज़्यादा उदाहरणों से तेज़ सीखते हैं।
अपनी प्लेबुक को उपयोगी कैसे रखें
जिस प्लेबुक को कोई अपडेट नहीं करता, वह बोझ बन जाती है। एक व्यक्ति को उसका मालिक बनाएं और हर महीने समीक्षा करें। जब एक ही सवाल हफ़्ते में तीन या ज़्यादा बार आए, तो नई स्थिति जोड़ें। पुराने सेक्शन बेझिझक हटाएं।
प्लेबुक वहां रखें जहां एजेंट पहले से काम करते हैं, किसी दबे हुए फ़ोल्डर में नहीं। सबसे अच्छी कस्टमर सपोर्ट प्लेबुक वह है जो लाइव टिकट के दौरान एक सर्च की दूरी पर हो। जब आपकी प्लेबुक मज़बूत हो, तो आपकी टीम हमारे आख़िरी चैप्टर कस्टमर ऑनबोर्डिंग सपोर्ट में बताए ऑनबोर्डिंग सपोर्ट के काम के लिए तैयार है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सपोर्ट प्लेबुक कितनी लंबी होनी चाहिए?
अपने सबसे बार-बार आने वाले टिकट प्रकारों को कवर करने वाली दस से पंद्रह स्थितियों से शुरू करें। एजेंट के पढ़ने वाली केंद्रित प्लेबुक उस सौ पेज के दस्तावेज़ से बेहतर है जिसे वे अनदेखा करते हैं। नए पैटर्न उभरने पर सेक्शन जोड़ें।
प्लेबुक और नॉलेज बेस में क्या फ़र्क़ है?
प्लेबुक आपके एजेंट के लिए अंदरूनी मार्गदर्शन है, जिसमें स्क्रिप्ट और वर्कफ़्लो होते हैं। नॉलेज बेस ग्राहकों के लिए हेल्प कंटेंट है। कुछ आर्टिकल मिल सकते हैं, पर उनके पाठक अलग हैं।
क्या एजेंट को प्लेबुक की स्क्रिप्ट शब्दशः दोहरानी चाहिए?
स्क्रिप्ट शुरुआती बिंदु हैं, हर जवाब के लिए कठोर स्क्रिप्ट नहीं। एजेंट को प्लेबुक में तय पॉलिसी और कदमों का पालन करते हुए जवाब को ग्राहक की स्थिति के हिसाब से ढालना चाहिए।
अपनी सपोर्ट प्लेबुक कहां रखनी चाहिए?
उसे अपने टिकटिंग सिस्टम या टीम विकि के अंदर रखें, ताकि एजेंट लाइव टिकट के दौरान उसे खोल सकें। कस्टमर सपोर्ट के बारे में और जानने के लिए कस्टमर सपोर्ट पेज देखें।
प्लेबुक कितनी बार अपडेट करनी चाहिए?
हर महीने समीक्षा करें और प्रोडक्ट बदलाव, पॉलिसी अपडेट या एजेंट के बार-बार आने वाले सवालों के बाद तुरंत अपडेट करें। एक मालिक तय करें, ताकि अपडेट लगातार हों और किसी के पुराना कंटेंट नोटिस करने का इंतज़ार न करना पड़े।
क्या प्लेबुक का कंटेंट आपके सार्वजनिक हेल्प सेंटर से जुड़ सकता है?
ग्राहकों को दिखने वाले हेल्प आर्टिकल आपकी अंदरूनी प्लेबुक से मेल खाने चाहिए, ताकि एजेंट और सेल्फ़ सर्विस एक जैसे जवाब दें। अपने सार्वजनिक हेल्प पेज WEMASY वेबसाइट बिल्डर से बनाएं और संभालें।